Back to Top

Facebook WhatsApp Telegram YouTube Instagram
Push Notification

🔔 Enable Notifications

Subscribe now to get the latest updates instantly!

Jharkhand News26 – fastest emerging e-news channel.
  • 2026-09-10

Simdega Crime News: सिमडेगा में नौकरी के नाम पर 5-6 करोड़ की ठगी, फर्जी फाउंडेशन चलाने वाला सरगना समेत 6 गिरफ्तार

Simdega: सिमडेगा में नौकरी दिलाने का झांसा देकर लोगों से करोड़ों रुपये वसूलने वाले एक कथित गिरोह का सिमडेगा पुलिस ने खुलासा किया है. पुलिस के मुताबिक गिरोह फर्जी "VSK फाउंडेशन" के नाम पर लोगों से सिक्योरिटी मनी लेता था. इस मामले में पुलिस ने गिरोह के मुख्य सरगना ओम प्रकाश समेत छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है. एसपी श्रीकांत एस. खोटरे ने प्रेस वार्ता में बताया कि शुरुआती जांच में करीब 5 से 6 करोड़ रुपये की ठगी का मामला सामने आया है. यह पूरा मामला बानो और कुरडेग थाना क्षेत्र से जुड़ा है.

पद के हिसाब से तय थी सिक्योरिटी मनी
पुलिस जांच में पता चला कि ओम प्रकाश "VSK फाउंडेशन" का संचालन कर रहा था. लोगों का भरोसा जीतने के लिए संस्था में अलग-अलग पद बनाए गए थे. हर पद के लिए अलग रकम तय की गई थी. स्टेट हेड बनने के लिए 3 लाख रुपये, डिस्ट्रिक्ट हेड के लिए 1.50 लाख और ब्लॉक को-ऑर्डिनेटर के लिए 60 हजार रुपये लिए जाते थे. सेंटर इंचार्ज के लिए 40 हजार रुपये की सिक्योरिटी मनी रखी गई थी.

NTT और PTT के नाम पर भी वसूली
"बाल एवं जननी शिक्षा अभियान" के तहत NTT के लिए 40 हजार और PTT के लिए 60 हजार रुपये लिए जाने की बात पुलिस जांच में सामने आई है. गिरोह ज्यादा से ज्यादा लोगों को अपने जाल में फंसाने के लिए WhatsApp का इस्तेमाल करता था. लोगों को आकर्षक पोस्टर और पंपलेट भेजकर नौकरी और कमाई का लालच दिया जाता था.

दोगुने इंसेंटिव और कैश प्राइज का लालच
पुलिस के अनुसार आरोपियों की ओर से लोगों को नेटवर्क बढ़ाने के लिए दोगुना इंसेंटिव और कैश प्राइज देने का लालच भी दिया जाता था. मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी के निर्देश पर डीएसपी मुख्यालय रनवीर सिंह और एसडीपीओ धर्मदेव पासवान के नेतृत्व में SIT बनाई गई.

तकनीकी जांच के बाद छह गिरफ्तार
SIT ने तकनीकी साक्ष्यों और मानवीय खुफिया जानकारी के आधार पर अलग-अलग जगहों पर छापेमारी की. कार्रवाई के दौरान छह आरोपियों को गिरफ्तार किया गया. गिरफ्तार आरोपियों में मुख्य सरगना ओम प्रकाश के अलावा अशोक साय, एनिस केरकेट्टा, सरोज केरकेट्टा, गोरैती केरकेट्टा और कुन्दन शर्मा शामिल हैं. पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य भी जब्त किए हैं. सभी आरोपियों के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजा जा रहा है.


WhatsApp
Connect With WhatsApp Cannel !