Ranchi News: ग्रामीण कार्य विभाग के दो इंजीनियरों के खिलाफ भ्रष्टाचार के मामले में चार साल बाद भी अभियोजन स्वीकृति नहीं मिल सकी है। एसीबी वर्ष 2022 से सरकार से दोनों के खिलाफ मुकदमा चलाने की अनुमति मांग रही है। आरोपियों में महेश प्रसाद और उदय कुमार मेहता शामिल हैं।
दोनों इंजीनियरों के खिलाफ वर्ष 2014 में पलामू के चैनपुर थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। उन पर सड़क निर्माण योजनाओं में गड़बड़ी करने और सरकारी राशि के गबन का आरोप लगाया गया था। बाद में मामले की जांच एसीबी को सौंप दी गई।
सड़क निर्माण में ठेकेदार को अधिक भुगतान का आरोप
जांच के दौरान बैराव से ओडनाम पथ के निर्माण में गड़बड़ी सामने आई। करीब 3.5 किलोमीटर लंबी सड़क के निर्माण कार्य में ठेकेदार को अधिक भुगतान किए जाने की बात जांच में सामने आई। एसीबी के अनुसार, दोनों इंजीनियरों ने अपने पद का गलत इस्तेमाल किया।
जून 2025 और सितंबर 2026 में एसीबी ने भेजा रिमाइंडर
जांच पूरी होने के बाद वर्ष 2022 में दोनों इंजीनियरों के खिलाफ मुकदमा चलाने की अनुमति के लिए सरकार को प्रस्ताव भेजा गया था। हालांकि अब तक अभियोजन स्वीकृति नहीं मिली है। जून 2025 में एसीबी ने ग्रामीण कार्य विभाग को रिमाइंडर भेजा था। इसके बाद सितंबर 2026 में फिर से रिमाइंडर भेजकर जल्द अभियोजन स्वीकृति देने का आग्रह किया गया है।