Jamshedpur News: शहीद स्मारक निर्माण समिति, जेपी युवा छात्र संघर्ष मोर्चा और झारखंड क्रांति सेना के संयुक्त तत्वावधान में शुक्रवार को साकची शहीद चौक पर एक श्रद्धांजलि सभा आयोजित की गई। इस कार्यक्रम में विभिन्न सामाजिक, राजनीतिक संगठनों एवं शहर के प्रबुद्ध नागरिकों ने भाग लिया और शहीदों को नमन किया।
श्रद्धांजलि सभा जेपी आंदोलन 1974 के दौरान जमशेदपुर में शहीद हुए तीन छात्र नेताओं की स्मृति में आयोजित की गई:
प्रणब मुखर्जी,राजीव रंजन, और मोहम्मद मुसीम ये तीनों छात्र लोकनायक जयप्रकाश नारायण के नेतृत्व में चलाए गए जनांदोलन के दौरान, सरकार की दमनकारी नीतियों का विरोध कर रहे थे। उसी क्रम में पुलिस फायरिंग में इनकी मौत हुई थी।
यह घटना 18 जुलाई को साकची क्षेत्र में हुई थी, और तब से हर साल इसी तारीख को यहां शहीद दिवस मनाया जाता है। शहीद स्मारक निर्माण समिति के संयोजक संजीव आचार्य ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि पिछले कई वर्षों से सरकार और प्रशासन से शहीद स्थल को सुसज्जित करने व स्थायी स्मारक बनाने की मांग की जा रही है, लेकिन अभी तक केवल आश्वासन ही मिले हैं।
उन्होंने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि राज्य सरकार अब तक इन बलिदानी छात्रों की स्मृति को संरक्षित करने में विफल रही है,
सभा में उपस्थित संगठनों ने भी संयुक्त रूप से यह मांग की साकची शहीद चौक को विधिवत "शहीद स्थल" घोषित किया जाए।
यहां एक भव्य स्मारक का निर्माण हो, जिसमें तीनों शहीदों की प्रतिमाएं हों।
स्थल पर बैठने की व्यवस्था, शिलालेख और लाइटिंग की सुविधा उपलब्ध कराई जाए। हर साल सरकारी स्तर पर शहीद दिवस का आयोजन किया जाए। सभा को विभिन्न संगठनों के नेताओं और छात्र प्रतिनिधियों ने भी संबोधित किया। उन्होंने कहा जेपी आंदोलन कोई साधारण आंदोलन नहीं था, यह लोकतंत्र की रक्षा के लिए था। जमशेदपुर के इन तीन युवाओं ने अपनी जान देकर इस संघर्ष को मजबूत किया। उनकी कुर्बानी को इतिहास में उचित स्थान दिलाना हमारी जिम्मेदारी है। सभा में वक्ताओं ने यह भी कहा कि सत्ताधारी दलों ने केवल चुनाव के समय इन शहीदों को याद किया, लेकिन कभी भी स्थायी समाधान या स्मारक निर्माण की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया।
इसलिए अब यह आंदोलन सिर्फ श्रद्धांजलि सभा तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसके लिए एक जनांदोलन खड़ा किया जाएगा। इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर विधायक सरजू राय उपस्थित थे सरजू राय ने कहा कि जल्दी इस स्थल को शहीद स्मारक स्थल बनाया जाएगा