गम्हरिया 5th फेज स्थित विजयश्री ऑटोकॉम लिमिटेड के सामने मंगलवार को सैकड़ों मजदूरों ने न्यूनतम मजदूरी, पीएफ, बोनस और सुरक्षा जैसे बुनियादी अधिकारों को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन कर रहे मजदूरों का आरोप है कि वे पिछले 8 से 10 वर्षों से फैक्ट्री में कार्यरत हैं, लेकिन उन्हें अब तक पीएफ, बोनस और ईएसआईसी जैसी मूल सुविधाएं नहीं दी गई हैं।
महिला मजदूरों को प्रतिदिन केवल 290 रुपये और पुरुषों को 300–310 रुपये की मजदूरी दी जाती है, जो न्यूनतम मजदूरी कानून का स्पष्ट उल्लंघन है।
प्रदर्शनकारियों ने बताया कि फैक्ट्री में लोहा काटने और वेल्डिंग जैसे जोखिम भरे काम होते हैं, लेकिन सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं किए गए हैं। इससे किसी भी समय गंभीर दुर्घटना की आशंका बनी रहती है।
मजदूरों का कहना है कि जब तक उन्हें उनके श्रम अधिकार नहीं दिए जाते, तब तक वे काम पर वापस नहीं लौटेंगे। वहीं, कंपनी के एक ठेकेदार ने कहा कि उन्हें जो मजदूरी दर कंपनी प्रबंधन से मिलती है, वही आगे दी जाती है, लेकिन दर को लेकर उन्होंने कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी।
जब इस विषय पर कंपनी प्रबंधन से संपर्क करने की कोशिश की गई, तो उन्होंने किसी भी प्रतिक्रिया से इनकार कर दिया।
यह आंदोलन एक बार फिर औद्योगिक क्षेत्रों में श्रमिक अधिकारों की उपेक्षा को सामने लाता है और यह सवाल खड़ा करता है कि आखिर मजदूरों के साथ हो रहा यह शोषण कब रुकेगा।