जानिए मुख्यमंत्री ने क्या कहा
मुख्यमंत्री ने कहा कि वह हर साल इस मौके पर दरगाह आते हैं और पूरे राज्य की खुशहाली के लिए प्रार्थना करते हैं। उन्होंने कहा, "हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी हम सभी लोग उर्स के मौके पर हजरत कुतुबुद्दीन रिसालदार शाह बाबा के दरगाह में चादरपोशी के लिए पहुंचे हैं। मैंने यहां चादरपोशी की रस्म अदा कर रिसालदार शाह बाबा से समस्त झारखंड वासियों की खुशहाली के लिए प्रार्थना की है।
मुख्यमंत्री के दरगाह पहुंचने पर सदस्यों ने किया स्वागत
इस अवसर पर मुख्यमंत्री के साथ कई व्यक्ति भी मौजूद थे। मुख्यमंत्री का दरगाह पर पहुंचने पर दरगाह कमेटी के सदस्यों ने उनका स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने दरगाह परिसर का भ्रमण किया और व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने दरगाह में आने वाले श्रद्धालुओं से भी बातचीत की और उनका हालचाल जाना।
रिसालदार बाबा की दरगाह
रिसालदार बाबा की दरगाह रांची ही नहीं, बल्कि पूरे देश में सांप्रदायिक सद्भाव का प्रतीक मानी जाती है। यहां सभी धर्मों के लोग अपनी आस्था लेकर आते हैं। दरगाह पर हर साल उर्स का आयोजन होता है, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु भाग लेते हैं।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का दरगाह पर आना राज्य में धार्मिक सौहार्द और भाईचारे की भावना को मजबूत करता है। उनके इस कदम की सराहना की जा रही है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि मुख्यमंत्री का यह कदम राज्य में सभी धर्मों के लोगों को साथ लेकर चलने की उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। यह एक सकारात्मक संदेश है जो राज्य की जनता के बीच जाता है।
भाईचारे की भावना को बढ़ावा
झारखंड में विभिन्न धर्मों के लोग एक साथ मिलकर रहते हैं और हर त्योहारों को मिलकर मनाते हैं। मुख्यमंत्री का दरगाह पर चादरपोशी करना इसी परंपरा का एक हिस्सा है। इससे राज्य में सांप्रदायिक सद्भाव को और बढ़ावा मिलता है।