
उपायुक्त ने कहा कि योजनाओं में विभागीय समन्वय की कमी से अनावश्यक विलंब नहीं होना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि योजनाओं का समय पर क्रियान्वयन होने से लक्षित वर्ग को सीधा लाभ मिलता है।
बैठक के दौरान सरकारी स्कूलों में अध्ययनरत बच्चों के बैंक खाता खोलने में शिथिलता पर उपायुक्त ने नाराजगी जताई। उन्होंने जिला शिक्षा पदाधिकारी को निर्देश दिया कि जिन बैंक शाखाओं ने लंबित 5000 आवेदनों पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं की है, उनकी सूची तैयार कर ब्लैकलिस्ट किया जाए। साथ ही, उन शाखाओं से सरकारी खाते भी हटाने और सरकारी कर्मियों को वहां से बैंकिंग सेवाएं न लेने की हिदायत दी गई।
जिले में यूरिया की कालाबाजारी की शिकायतों पर भी उपायुक्त ने गंभीरता से संज्ञान लिया और दोनों अनुमंडलों के एसडीएम को खाद दुकानों की औचक जांच कर कठोर कार्रवाई करने का निर्देश दिया। इसके अलावा, मुख्यमंत्री मंइयां सम्मान योजना और अन्य पेंशन योजनाओं के लाभुकों को समय पर राशि भुगतान सुनिश्चित करने पर भी चर्चा हुई।
बैठक में 183 सरकारी विद्यालयों में अतिरिक्त क्लासरूम निर्माण व मरम्मतीकरण के लिए ग्राम सभा आयोजित कर प्रस्ताव लाने का निर्देश दिया गया। वहीं, डिजिटल क्रॉप सर्वे में तेजी लाने हेतु सभी बीडीओ और सीओ को प्रत्येक अंचल में 500 एकड़ भूमि का सीएफआर तैयार करने का लक्ष्य दिया गया।
बैठक में जाहेरस्थान घेराबंदी, धुमकुड़िया निर्माण, गोदाम निर्माण, श्रमिक हितकारी योजनाओं के प्रचार-प्रसार, मुख्यमंत्री ट्रैक्टर वितरण योजना, कृषि यंत्रीकरण प्रोत्साहन योजना, सड़क सुरक्षा जागरूकता, पथ निर्माण योजनाओं में भूमि सत्यापन सहित विभिन्न विकासपरक मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई।
इस अवसर पर उप विकास आयुक्त नागेंद्र पासवान, अपर उपायुक्त भगीरथ प्रसाद, निदेशक एनईपी संतोष गर्ग, डीटीओ, डीएमसी जेएनएसी, एसडीओ, डीपीआरओ, डीसीएलआर, बीडीओ, सीओ समेत सभी विभागीय पदाधिकारी उपस्थित थे।