सांसद जोबा मांझी
इससे पूर्व पूजा पंडाल का उदघाटन सांसद जोबा मांझी ने फीता काट कर किया, मौके पर जुगसलाई के विधायक मंगल कालिंदी और खरसावां के विधायक दशरथ गगराई भी अतिथि के रुप में उपस्थित थे. उल्लेखनीय है कि इस बार यहां उदयपुर (राजस्थान) के राजमहल और वहां के ग्रामीण परिवेश की आकृति के भव्य और आकर्षक पूजा पंडाल का निर्माण कराया गया है, जो कि दर्शकों को स्वतः अपनी ओर आकर्षित करेगा।
पूजा पंडाल की ऊंचाई लगभग 70 फीट
पूजा पंडाल की ऊंचाई लगभग 70 फीट है. पूजा पंडाल का निर्माण मेचेदा, बंगाल के पार्वती डेकोरेटर के अशोक कुमार डे की देखरेख में कुल 60 कारीगरों की टीम के द्वारा किया गया है. बताया जाता है कि मेवाड़ के प्रतापी महाराणा उदय सिंह द्वारा लगभग 400 वर्ष पूर्व उदयपुर (राजस्थान) के इस राजमहल का निर्माण कराया गया था, जिसे उन्होंने एक संत के कहने पर बनवाया था. और मेवाड़ के महाराणाओं के समय इस राजमहल का खूब विकास हुआ।
बताया जाता है कि मेवाड़ का राजपरिवार
बताया जाता है कि मेवाड़ का राजपरिवार आज भी इस राजमहल में निवास करता है तथा उनके द्वारा सदियों से चली आ रही सभी परंपराओं का आज भी अनुपालन किया जाता है. राजमहल में प्रवेश करने के लिए 300 रुपये का शुल्क निर्धारित है तथा आम लोग प्रातः 9 बजे से लेकर शाम 7 बजे तक इसका अवलोकन कर सकते हैं. इस राजमहल को देखने हेतु उदयपुर आने वाले पर्यटक इस भव्य राजमहल को देखकर आश्चर्यचकित हो जाते हैं।
वर्तमान समय में इस राजमहल
वर्तमान समय में इस राजमहल में फतह प्रकाश नामक होटल का संचालन भी किया जाता है. वहीं, कोलकाता के मूर्तिकारों द्वारा पूजा पंडाल परिसर में मां दुर्गा सहित अन्य देवी-देवताओं की प्रतिमाएं स्थापित की गई है. माँ दुर्गा सहित अन्य देवी-देवताओं की प्रतिमाओं में आगंतुक श्रद्धालुओं को राजस्थानी संस्कृति की झलक और पहनावा देखने को मिलेगा. वहीं, इस वर्ष यहाँ आकर्षक विद्युत साज- सज्जा की व्यवस्था की गई है, जिसकी जिम्मेवारी कोलकाता के बीजू दा लाइट सिस्टम को दी गई है।
उपस्थित रहे
बीजू दा एंड टीम की मैजिकल विद्युत साज-सज्जा व्यवस्था आम लोगों को अपनी तरफ आकर्षित करेगी. इस अवसर पर पूर्व विधायक अरविंद कुमार सिंह, पूजा कमेटी के अध्यक्ष अंकुर सिंह, सांसद प्रतिनिधि कालीपद सोरेन, झारखंड क्षत्रीय संघ के अध्यक्ष शंभूनाथ सिंह, ऋषि मिश्रा, रविंद्र नाथ चौबे, वीरेन्द्र सिंह, शंकर सिंह, डॉ मृत्युंजय सिंह, राजीव रंजन मुन्ना, धर्मेन्द्र प्रसाद, वरीय कांग्रेस नेता दिवाकर झा, मिथिलेश सिंह, राम पूजन राही, सरयू पासवान, एस के स्वाइन, जगदीश नारायण चौबे, पंकज प्रसाद, मजदूर नेता भगवान सिंह, समरेंद्र नाथ तिवारी, अरुण सिंह, धर्मनाथ शर्मा, बसन्त प्रसाद आदि उपस्थित थे।