Saraikela: सरायकेला खरसावां जिला के उपायुक्त नीतीश कुमार सिंह की अध्यक्षता में प्रधानमंत्री जन-मन एवं आदि कर्मयोगी अभियान के अंतर्गत संचालित योजनाओं की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में अभियान से जुड़ी सभी योजनाओं की प्रगति रिपोर्ट की समीक्षा की गई और आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए। उपायुक्त ने कहा कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य आदिम जनजातीय ग्रामों एवं वंचित परिवारों तक शासन की सभी जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समयबद्ध रूप से पहुंचाना है।
उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, नियमित अनुश्रवण, जन-सहभागिता और जागरूकता प्रसार पर विशेष बल दिया जाए। उपायुक्त ने बताया कि जिले में कुल 624 परिवार आदिम जनजातीय ग्रामों के अंतर्गत आते हैं। इन परिवारों के सर्वांगीण विकास हेतु स्वास्थ्य, शिक्षा, पोषण, आवास, आजीविका और डिजिटल सशक्तिकरण से संबंधित योजनाओं को समेकित रूप से क्रियान्वित किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि जिला प्रशासन का प्राथमिक उद्देश्य इन परिवारों को शासन की मुख्यधारा में शामिल करना और उनके जीवन स्तर में सकारात्मक सुधार लाना है।
उपायुक्त ने विभिन्न बिंदुओं पर चर्चा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने आवास योजना के तहत तृतीय किश्त प्राप्त लाभुकों द्वारा आवास निर्माण कार्य शीघ्र पूरा करने और लंबित आवासों में गति लाने का निर्देश दिया। इसके अलावा, बहुउद्देशीय केंद्रों के निर्माण कार्यों को गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध रूप से पूरा करने, वन धन केंद्रों को नियमित और सक्रिय रखने, और सभी क्षेत्रों में मोबाइल इंटरनेट कनेक्टिविटी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
उपायुक्त ने चलंत चिकित्सकीय वाहन के माध्यम से दूरस्थ और पहाड़ी क्षेत्रों में नियमित स्वास्थ्य जांच आयोजित करने, सभी छात्र-छात्राओं के बैंक खाता, आधार और जन्म प्रमाण पत्र का निर्माण सुनिश्चित करने, और वंचित नागरिकों के लिए विशेष शिविर आयोजित कर आधार कार्ड निर्माण की प्रक्रिया पूर्ण करने का भी निर्देश दिया।
इसके अलावा, उपायुक्त ने प्रत्येक गांव में आदि सेवा केंद्र विकसित कर योजनाओं का लाभ ग्राम स्तर तक पहुंचाने, सभी परिवारों को राज्य और केंद्र सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं से जोड़ने, और आयुष्मान भारत स्वास्थ्य कार्ड से वंचित लाभुकों को शीघ्र जोड़ने का निर्देश दिया। उन्होंने इच्छुक युवाओं और युवतियों को कौशल विकास प्रशिक्षण प्रदान कर उन्हें रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ने का भी निर्देश दिया।
उपायुक्त ने सभी विभागाध्यक्षों और प्रखंड विकास पदाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्र में संचालित योजनाओं की नियमित समीक्षा करने और मासिक प्रगति रिपोर्ट जिला प्रशासन को प्रस्तुत करने का निर्देश दिया। उन्होंने योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु विभागों के बीच आपसी समन्वय और सहयोग सुनिश्चित करने और ग्राम स्तर पर जनप्रतिनिधियों, आंगनवाड़ी सेविकाओं, सहायिकाओं और ग्राम समितियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया।