आनन-फानन में उद्घाटन का खामियाजा भुगत रहे मरीज़
पत्र में सरयू राय ने आरोप लगाया है कि 2024 विधानसभा चुनाव से ठीक पहले राजनीतिक लाभ लेने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री को अंधेरे में रखकर स्वास्थ्य विभाग द्वारा अधूरे अस्पताल का आनन-फानन में उद्घाटन करा दिया गया। इसका खामियाजा अभी तक मरीज़ों और उनके परिजनों को भुगतना पड़ रहा है, क्योंकि एक साल बीतने के बावजूद पुराने अस्पताल का सफल स्थानांतरण नए भवन में नहीं हो पाया है। उन्होंने आशंका जताई है कि यदि सक्षम अनुश्रवण समिति नहीं बनी तो पुरानी समस्याएं भी नए भवन में स्थानांतरित हो जाएंगी।
पेयजल संकट और घटिया निर्माण पर गंभीर सवाल
सरयू राय ने उद्घाटन के समय ही अस्पताल में पानी की व्यवस्था न होने पर सवाल उठाया था। उनके अनुसार, विरोध के बाद अफरातफरी में पांच डीप बोरिंग कराए गए जो नियमानुसार नहीं थे और अभी तक इन्हीं से अपर्याप्त जलापूर्ति हो रही है।
विधायक ने बताया कि पिछले पन्द्रह दिनों से उन्हें मरीज़ों के परिजनों से नियमित रूप से पीने का पानी उपलब्ध न होने की शिकायतें मिल रही हैं। वस्तुस्थिति की जानकारी लेने पर पता चला कि ठेकेदार एलएंडटी द्वारा लगाए गए आरओ एवं नल घटिया स्तर के हैं और टूट-फूट रहे हैं। इसके अलावा, बोरिंग के पानी को शुद्ध करने के लिए लगाए गए आरओ भी मानक के अनुरूप नहीं हैं। पानी में घुले ठोस पदार्थों की मात्रा (TDS) काफी अधिक पाई जा रही है, जो खतरनाक है।
वैकल्पिक जलापूर्ति में देरी और खामियों पर चिंता
सरयू राय ने याद दिलाया कि डीप बोरिंग का विरोध करने पर एक साल के भीतर सतह जल की वैकल्पिक आपूर्ति की व्यवस्था का आश्वासन दिया गया था, लेकिन उद्घाटन के एक वर्ष बाद भी इसकी संभावना दूर-दूर तक नजर नहीं आ रही है।
उन्होंने उम्मीद जताई कि प्रस्तावित अनुश्रवण समिति न केवल
उन्होंने उम्मीद जताई कि प्रस्तावित अनुश्रवण समिति न केवल जनसुविधाओं, बल्कि दवाओं की उपलब्धता, मशीनों की स्थिति, पारामेडिकल स्टाफ की स्थिति और पैथोलॉजिकल जांच जैसी अन्य खामियों पर भी संज्ञान लेगी और एमजीएम अस्पताल के वैधानिक स्तर का ख्याल रखते हुए इसके विधिसम्मत परिचालन की व्यवस्था सुनिश्चित करेगी।