टाटा स्टील को एक बार फिर से दुनिया के स्तर पर एक बड़ी पहचान मिली है। जहां वर्ल्ड स्टील एसोसिएशन ने कंपनी को सेफ्टी एंड हेल्थ एक्सीलेंस रिकग्निशन 2025 अवॉर्ड से सम्मानित किया है। यह अवॉर्ड टाटा स्टील को प्रोसेस सेफ्टी मैनेजमेंट श्रेणी में मिला है, जहां कंपनी ने “रेल आधारित हॉट मेटल ट्रांसपोर्ट में सेफ्टी इंस्ट्रूमेंटेड सिस्टम के जरिए हॉट मेटल लीकेज रोकने” पर काम किया है।
वर्ल्ड स्टील एसोसिएशन हर साल उन कंपनियों को सम्मानित करती है जो अपने कर्मचारियों की सुरक्षा और सेहत के लिए बेहतरीन काम करती हैं। इस साल पूरी दुनिया से सिर्फ पाँच प्रोजेक्ट चुने गए हैं, और उनमें टाटा स्टील का नाम भी शामिल है।
टाटा स्टील के वाइस प्रेसिडेंट (सेफ्टी, हेल्थ एंड सस्टेनेबिलिटी) राजीव मंगल ने कहा,
“वर्ल्डस्टील से मिला यह सम्मान हमारे लिए गर्व की बात है। यह हमारी उस कोशिश का नतीजा है जिसके तहत हम अपने कामकाज को और सुरक्षित बनाने की दिशा में लगातार आगे बढ़ रहे हैं। इस पहल ने दिखाया है कि नवाचार, मशीनों की मदद और टीमवर्क से खतरनाक स्थितियों को खत्म कर एक सुरक्षित माहौल बनाया जा सकता है।”
टाटा स्टील का यह प्रोजेक्ट कंपनी के अंदर चलने वाली 62 किलोमीटर लंबी रेल लाइन पर हॉट मेटल यानी पिघले हुए लोहे को सुरक्षित ढंग से ले जाने से जुड़ा है। पहले इस प्रक्रिया में ट्रेन के पटरी से उतरने का खतरा रहता था, जिससे बड़ा हादसा हो सकता था। इसे रोकने के लिए कंपनी ने एक सेफ्टी इंस्ट्रूमेंटेड सिस्टम बनाया, जो सेंसर और ऑटोमैटिक कंट्रोल सिस्टम के जरिए ट्रैक की जांच करता है और गलती होने से पहले ही ट्रेन को गलत रास्ते पर जाने से रोक देता है।
यह सम्मान टाटा स्टील को लगातार तीसरे साल मिला है। इससे कंपनी ने साबित किया है कि वह सुरक्षा के मामले में दुनिया की सबसे भरोसेमंद और जिम्मेदार इस्पात कंपनियों में से एक है।
कुल मिलाकर, टाटा स्टील का यह कदम दिखाता है कि तकनीक और टीमवर्क के जरिये कैसे किसी भी उद्योग में सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा सकती है।