Giridih News: गिरिडीह के डुमरी टोल प्लाजा पर मंगलवार को उस वक्त अफरातफरी मच गई जब एक नाबालिग लड़के ने खुलेआम पिस्टल लहराई और हवा में गोली चला दी. घटना इतनी अचानक हुई कि मौके पर मौजूद लोग भयभीत होकर चारों ओर भागने लगे. कुछ देर के लिए टोल प्लाजा पर सन्नाटा छा गया. बताया जा रहा है कि यह पूरी घटना कुछ अज्ञात युवकों के बीच आपसी विवाद के दौरान हुई थी, जो देखते ही देखते हिंसक रूप ले बैठी.
जानकारी के अनुसार गिरिडीह जिले के डुमरी थाना क्षेत्र के कुलगो टोल प्लाजा पर नाबालिग ने किसी बात को लेकर गुस्से में पिस्टल निकाली और हवा में फायर कर दिया. मौके पर हड़कंप मच गया. टोल कर्मचारियों ने तुरंत डुमरी पुलिस को सूचना दी. कुछ ही देर में पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और तत्परता दिखाते हुए नाबालिग को हिरासत में ले लिया.
डुमरी के एसडीपीओ सुमित प्रसाद ने बताया कि जांच में यह बात सामने आई है कि नाबालिग के पास पिछले कुछ दिनों से 7.65 एमएम की पिस्टल थी. उसने यह हथियार कहां से हासिल किया, इसकी जांच जारी है. पुलिस ने मौके से पिस्टल के साथ एक जिंदा कारतूस और एक खाली खोखा बरामद किया है. गनीमत रही कि फायरिंग के दौरान कोई घायल नहीं हुआ.
डुमरी पुलिस ने इस मामले में प्राथमिकी दर्ज कर ली है और नाबालिग को बाल सुधार गृह भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. प्रशासनिक स्तर पर भी यह घटना चिंता का विषय बन गई है क्योंकि इतनी कम उम्र में किसी बच्चे के हाथ में पिस्टल का पहुंच जाना अपने आप में कानून व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा करता है.
गिरिडीह की यह घटना सिर्फ एक आपराधिक वारदात नहीं बल्कि समाज के उस सड़ते हुए हिस्से की तस्वीर है जहां नाबालिग बच्चों के हाथ में किताब की जगह अब हथियार आने लगे हैं. यह सवाल उठाता है कि आखिर वह निगरानी कहां है जो समाज, परिवार और प्रशासन को मिलकर रखनी चाहिए. जिस उम्र में बच्चे को अनुशासन और शिक्षा की ओर बढ़ना चाहिए, वह उम्र अब “एक फायर” से अपनी ताकत साबित करने में लग रही है. यह घटना पुलिस और प्रशासन दोनों के लिए चेतावनी है कि छोटे शहरों और कस्बों में अवैध हथियारों की उपलब्धता कितनी आसान होती जा रही है. गिरिडीह की इस वारदात ने साफ कर दिया है कि अगर अब भी सख्त निगरानी और सामाजिक सुधार के कदम नहीं उठाए गए, तो आने वाले दिनों में नाबालिग अपराधियों की संख्या भयावह रूप ले सकती है. यह केवल एक फायर नहीं था, यह व्यवस्था की नाकामी पर चला एक गोली था.