National News: मध्य प्रदेश के इंदौर से आई खबर ने पूरे खेल जगत को झकझोर कर रख दिया है. आईसीसी महिला क्रिकेट वर्ल्ड कप में हिस्सा ले रही ऑस्ट्रेलियाई टीम की दो महिला खिलाड़ियों के साथ एक स्थानीय युवक ने यौन उत्पीड़न की घटना को अंजाम दिया है. मामला सामने आने के बाद पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए आरोपी अकील अहमद को गिरफ्तार कर लिया है. आरोपी इंदौर के खजराना इलाके का निवासी बताया जा रहा है.
यह घटना गुरुवार सुबह करीब 11 बजे की है जब दोनों खिलाड़ी रैडिसन ब्लू होटल से पैदल करीब पांच सौ मीटर दूर स्थित खजराना रोड के एक कैफे की ओर जा रही थीं. उसी दौरान एक बाइक सवार युवक उनके पीछे लग गया. आरोपी ने न सिर्फ उनका पीछा किया बल्कि रास्ते में अभद्र टिप्पणियां करते हुए उनमें से एक खिलाड़ी को अनुचित तरीके से छूने की कोशिश की. अचानक हुई इस हरकत से घबराई खिलाड़ी तुरंत होटल लौट आईं और टीम प्रबंधन को पूरी घटना की जानकारी दी. इसके बाद ऑस्ट्रेलियाई टीम के सुरक्षा अधिकारी डैनी सिमंस ने तत्काल पुलिस में शिकायत दर्ज कराई.
शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 74 और 78 के तहत मामला दर्ज किया. इनमें महिला की लज्जा भंग करने और पीछा करने जैसी धाराएं शामिल हैं. इंदौर के एडिशनल डिप्टी पुलिस कमिश्नर (क्राइम) राजेश दंडोतिया ने बताया कि पुलिस ने घटना के तुरंत बाद पांच थानों की संयुक्त टीम बनाकर आरोपी की तलाश शुरू की. आसपास के इलाके के सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए जिनमें आरोपी को बाइक से दोनों खिलाड़ियों का पीछा करते हुए देखा गया. इसके बाद छापेमारी कर उसे खजराना क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया गया.
पुलिस अधिकारी ने बताया कि आरोपी की पहचान अकील अहमद के रूप में हुई है. वह इंदौर के खजराना इलाके का रहने वाला है और घटना के बाद फरार हो गया था. हालांकि पुलिस की त्वरित कार्रवाई से वह ज्यादा दूर नहीं जा सका. उसे गिरफ्तार कर पूछताछ की जा रही है ताकि यह पता चल सके कि उसने यह हरकत क्यों की और क्या इसमें कोई और शामिल था.
वहीं ऑस्ट्रेलियाई टीम प्रबंधन ने स्थानीय प्रशासन की तेजी और संवेदनशीलता की सराहना की है. इंदौर पुलिस का कहना है कि महिला खिलाड़ियों की सुरक्षा में किसी भी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषी को सख्त सजा दिलाने की पूरी कोशिश की जाएगी.
आईसीसी महिला क्रिकेट वर्ल्ड कप फिलहाल भारत और श्रीलंका में खेला जा रहा है. इस टूर्नामेंट का फाइनल दो नवंबर को होना है. इंदौर में हुई इस घटना ने न सिर्फ सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं बल्कि खेल भावना पर भी गहरा धब्बा छोड़ा है.
यह घटना उस समय सामने आई है जब भारत अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों के लिए खुद को एक सुरक्षित और विश्वसनीय मेजबान देश के रूप में स्थापित करने की कोशिश कर रहा है. विदेशी महिला खिलाड़ियों के साथ यौन उत्पीड़न जैसी घटनाएं न केवल देश की छवि को धूमिल करती हैं बल्कि यह भी बताती हैं कि महिला सुरक्षा अब भी एक गंभीर चुनौती बनी हुई है. पुलिस ने भले ही आरोपी को गिरफ्तार कर लिया हो लेकिन यह जरूरी है कि इस मामले में त्वरित न्याय हो ताकि आने वाले समय में कोई भी व्यक्ति इस तरह की हरकत करने की हिम्मत न जुटा सके. देश में खेल के मैदान से लेकर सड़कों तक महिला खिलाड़ियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए क्योंकि खेल सम्मान से जुड़ा है, और सम्मान से बड़ा कोई पुरस्कार नहीं होता.