सोनारी कपाली घाट में यजमान प्रीति-विजय मित्तल ने पुजा की और बनारस से आये विद्धान
सोनारी कपाली घाट में यजमान प्रीति-विजय मित्तल ने पुजा की और बनारस से आये विद्धान पंडित दीपक पुरोहित ने पुजा करायी। भव्य कलश यात्रा सोनारी भूतनाथ मंदिर पहुॅचकर संपन्न हुई। कलश यात्रा में लगभग 300 से अधिक भक्तगण शामिल थे, जिसमें 108 महिलाएं कलश और 101 पुरूष निशान लेकर चल रहे थे। पहले दिन संस्था के बीस सदस्यों ने सपत्नी पुजा करायी। पुजा बनारस से आये 8 विद्धान पंडितों द्धारा करवाया जा रहा हैं।
राणी सती दादी जी का भव्य मंगल पाठ
दोपहर में 03.30 बजे से श्री श्री राणी सती दादी जी का भव्य मंगल पाठ हुआ, जिसमें 701 से अधिक महिलाएं राजस्थानी चुदड़ी पहने शामिल हुई। मंगल पाठ की पुजा और ज्योत प्रज्जवलित कृष्णा-राजकुमार संघी ने की। पंडित विपिन पांडेय ने पुजा करायी। श्री श्री राणी सती दादी जी का भव्य दरबार सजाया गया था। आमंत्रित कलाकार सूरत से सुरभि बिरूजका ने श्री गणेश वंदना से मगल पाठ का वाचन एवं भजनों का शुभारंभ किया। दादा मां की, मंगल पाठ के दौरान बीच-बीच में दादी मां का जन्म उत्सव, चुनडी उत्सव, गजरा उत्सव जैसे भजनों की रसधारा पर महिलाएं झूमने लगी।
सुरभि बिरूजका ने मंगल पाठ का वाचन करते हुए
सुरभि बिरूजका ने मंगल पाठ का वाचन करते हुए झुंझुनू वाली दादी ए बुलावा थाणे आज बड़े चाव सु दादी थारो झूलो एक घलायो, रिमझिम रिमझिम मेघलो बरसे सावन की फुहार है, दादी जी थारो खूब करा श्रृंगार मेहंदी राचन लागी हाथा में दादी के नाम की, आओ सभी सखी मिलकर दादी ने झूला झूलावा, तेरा किसने किया श्रृंगार मेहंदी मांडना आया दादी कितनी सुन्दर कितनी भोली लगे, सावन की बरसे बदरिया भींगे मां की चुनरिया श्रृंगार तेरा मैया कहो किसने सजाया है, आदि भजनों की शानदार प्रस्तुति दी।
पहलेे दिन शनिवार के कार्यक्रम को सफल बनाने में राजकुमार
पहलेे दिन शनिवार के कार्यक्रम को सफल बनाने में राजकुमार संघी, राजकुमार चंदुका, कैलाश सरायवाल, ललित सरायवाला, विजय मित्तल, राजेश गर्ग, बिमल गुप्ता, संदीप मित्तल आदि का योगदान रहा। दूसरे दिन 2 नवम्बर रविवार को पूजन प्रातः 8 बजे तथा संध्या 6 बजे से भजनो का कार्यक्रम शहर के श्याम भक्तों द्वारा किया जायेगा।