Jamshedpur Crime News: जमशेदपुर पुलिस ने गैंगस्टर प्रिंस खान के दो शूटर्स को पकड़ लिया. सीतारामडेरा थाना क्षेत्र के पाण्डेय घाट के पास से राज सिंह कश्यप उर्फ कोदू और राजेश गिरि उर्फ दांतू को रात एक बजे सफेद एक्टिवा स्कूटी पर मानगो बस स्टैंड जाते पकड़ा गया. दोनों ने भुईयाडीह निवासी व्यापारी हरेराम सिंह के घर पर 10 अक्टूबर को हुई फायरिंग में संलिप्तता कबूल की. उनके पास से देशी पिस्टल मैगजीन 7.65 की जिंदा गोली देशी कट्टा 315 की दो जिंदा गोलियां और स्कूटी JH05DM 4568 बरामद हुई. दोनों का पुराना अपराधिक रिकॉर्ड है.
10 अक्टूबर की रात रंगदारी न देने पर हरेराम सिंह के घर फायरिंग हुई थी जिसके बाद सीतारामडेरा थाना में मामला दर्ज हुआ. जांच में पहले मुख्य षडयंत्रकारी अकाश सिंह और पुलिस मुठभेड़ में शूटर रवि महानंद उर्फ गोपला पकड़े जा चुके हैं. साजिशकर्ता दशरथ शुक्ला को रांची पुलिस ने जेल भेजा है. वरीय पुलिस अधीक्षक ने कहा कि जल्द दशरथ शुक्ला को रांची से जमशेदपुर लाया जाएगा और और अपराधियों की गिरफ्तारी होगी.
छापामारी दल
टीम में भोला प्रसाद सिंह, निरंजन कुमार, गुलाब रब्बानी खान, अक्षय कुमार, महेन्द्र सिंह, सरयू राम, प्रेम मिश्रा, विवेक कुमार सिंह, सुनील कुमार और मनोज कुमार महतो शामिल रहे.
यह गिरफ्तारी जमशेदपुर में संगठित अपराध पर पुलिस की सख्ती दिखाती है जहां गैंगस्टर प्रिंस खान का गिरोह रंगदारी के लिए फायरिंग कर रहा था. हथियार बरामदगी से खतरा कम होगा लेकिन अपराधियों का लंबा रिकॉर्ड सिस्टम की कमजोरी उजागर करता है. दशरथ शुक्ला की जल्द शिफ्टिंग से जांच तेज होगी. कुल मिलाकर पुलिस की त्वरित कार्रवाई सराहनीय है लेकिन अपराध रोकने के लिए जागरूकता और सख्त कानून जरूरी हैं.
क्या है मामला
जमशेदपुर के सीतारामडेरा थाना क्षेत्र के भूईयाडीह में व्यवसायी हरेराम सिंह के घर पर हुई फायरिंग कर दहशत फैला दी थी. पुलिस जांच में पूर्वी सिंहभूम के भाजपा कार्यकर्ता दशरथ शुक्ला की सीधी भूमिका सामने आई. रांची के बुंडू थाना क्षेत्र में गुप्त सूचना पर पुलिस ने एनएच-33 के किनारे सूर्य मंदिर तोरण द्वार के पास दशरथ को घेर लिया. अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी बुंडू के नेतृत्व में विशेष टीम ने तलाशी ली तो उसके कमर से एक लोडेड पिस्टल और बैग से तीन लोडेड पिस्टल (7.65 बोर) दो मैगजीन एक ओप्पो एफ-17 मोबाइल एक एप्पल आईफोन 13 मिनी और काला बैग मिला.
पूछताछ में दशरथ ने कबूल किया कि वह सुजीत सिन्हा गिरोह के सदस्यों को हथियार सप्लाई करने आया था. उसका अपराधिक इतिहास लंबा है जिसमें हत्या के प्रयास आर्म्स एक्ट एससी एसटी एक्ट विद्युत अधिनियम जुआ अधिनियम और सार्वजनिक संपत्ति नुकसान रोकथाम अधिनियम जैसे मामले दर्ज हैं.
उसके मोबाडल से प्रिंस खान और सुजीत सिन्हा जैसे कुख्यात अपराधियों के महत्वपूर्ण डिटेल्स बरामद हुए. सूत्रों के अनुसार हरेराम सिंह फायरिंग में दशरथ के साथ काशीडीह का कोण्डू और गाराबासा का गोपाल भी शामिल था. दशरथ सूद पर पैसे के लेनदेन में लिप्त था और धनबाद के कुख्यात गिरोह से जुड़ा हुआ था. पुलिस अब पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ रही है जिसमें हथियार सप्लाई गिरोह की संलिप्तता और फायरिंग साजिश शामिल है. रांची पुलिस ने दशरथ शुक्ला को जेल भेज दिया.
यह कार्रवार्ड रंगदारी और फायरिंग जैसे अपराधों पर पुलिस की पकड़ मजबूत करती है. मुठभेड़ और छापेमारी से अपराधियों का नेटवर्क टूटा लेकिन यह भी दिखाता है कि स्थानीय कारोबार में पुरानी नाराजगी बड़े अपराधों को जन्म दे रही है. व्यवसायी हरेराम सिंह के परिवार को न्याय मिला लेकिन शेष गिरोह को पकड़ना जरूरी है ताकि जमशेदपुर में अपराध का सिलसिला रुके. कुल मिलाकर पुलिस का प्रयास सराहनीय है लेकिन अपराध रोकने के लिए सामाजिक जागरुकता भी बढ़ानी होगी.