Bihar Elections: बिहार विधानसभा चुनाव की सरगर्मी में जनता दल यूनाइटेड के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री ललन सिंह फंस गए हैं. चुनाव आयोग ने उन्हें नोटिस भेजा है और 24 घंटे के अंदर जवाब तलब किया है. मामला मोकामा में प्रचार के दौरान का वायरल वीडियो है जिसमें ललन सिंह कथित तौर पर कहते दिखे कि वोटिंग के दिन विरोधी नेता घर से निकलने न दें, घर में बंद कर दें और अगर ज्यादा जिद करे तो साथ लेकर वोट डलवाएं.
RJD ने इसे गरीबों को घर में कैद करने की धमकी बताया और आयोग को मरा हुआ करार दिया. RJD प्रवक्ता प्रियंका भारती ने वीडियो शेयर कर कहा कि यह बयान चुनाव प्रक्रिया को बिगाड़ने वाला है और आयोग को जांच कर कार्रवाई करनी चाहिए. RJD ने कहा कि ललन सिंह ने आयोग की छाती पर बुलडोजर चढ़ाया है.
JDU ने सफाई देते हुए कहा कि वीडियो एडिटेड है और गलत संदर्भ में फैलाया जा रहा है. प्रवक्ता नीरज कुमार ने दावा किया कि ललन सिंह ने किसी वर्ग या व्यक्ति के खिलाफ ऐसा कुछ नहीं कहा. मोकामा हॉट सीट है जहां JDU ने अनंत सिंह को टिकट दिया है जबकि RJD ने वीणा देवी को उतारा है. जनसुराज का पीयूष प्रियदर्शी भी मैदान में है. यह बयान चुनावी माहौल को और गरमा रहा है.
ललन सिंह का कथित बयान चुनाव आयोग की नजर में आना बिहार की राजनीति को और कड़वा बना रहा है जहां वोटिंग दिन विरोधियों को रोकने का दावा लोकतंत्र की हत्या जैसा लगता है. EC का नोटिस सख्ती दिखाता है लेकिन 24 घंटे का समय दबाव डालता है. RJD का ताना आयोग को घेरता है जबकि JDU का एडिटेड वीडियो का दावा बचाव का हथकंडा है. कुल मिलाकर यह विवाद चुनाव को हिंसक बनाने का खतरा बढ़ा रहा है और आयोग को तुरंत जांच कर सख्त कार्रवाई करनी चाहिए वरना बिहार का महाजंगलराज फिर साबित हो जाएगा.