IND Vs AUS: भारत ने ऑस्ट्रेलिया को गोल्ड कोस्ट में 48 रन से हराकर पांच मैचों की टी20 सीरीज में 2-1 की बढ़त हासिल कर ली. हेरिटेज बैंक स्टेडियम में खेले गए इस मुकाबले में टीम इंडिया के ऑलराउंडर अक्षर पटेल ने बल्ले और गेंद दोनों से शानदार प्रदर्शन कर मैच का रुख पलट दिया. अक्षर के दमदार खेल की बदौलत भारत ने यह मुकाबला अपने नाम किया और उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया.
भारतीय टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 167 रन बनाए. जितेश शर्मा के आउट होने के बाद जब टीम का स्कोर 136 पर छह विकेट हो चुका था, तब अक्षर पटेल ने मोर्चा संभाला. उन्होंने 11 गेंदों पर 21 रन की तेज पारी खेली और टीम को मजबूत स्कोर तक पहुंचाया. अक्षर को वॉशिंगटन सुंदर का साथ मिला, जिन्होंने 12 रन जोड़े.
ऑस्ट्रेलिया ने लक्ष्य का पीछा करते हुए आक्रामक शुरुआत की, लेकिन अक्षर पटेल की शानदार गेंदबाजी ने खेल का रुख बदल दिया. उन्होंने पावरप्ले में मैथ्यू शॉर्ट को 25 रन पर एलबीडब्ल्यू आउट किया और उसके बाद खतरनाक जोश इंग्लिश को 12 रन पर क्लीन बोल्ड कर दिया. इससे ऑस्ट्रेलिया की पारी लड़खड़ा गई.
अक्षर को इस दौरान शिवम दुबे का साथ मिला. दुबे ने मिचेल मार्श को 30 रन पर आउट कर कंगारू टीम को और दबाव में ला दिया. अपने अगले ओवर में उन्होंने टिम डेविड को भी पवेलियन भेजा. इसके बाद ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज लगातार अंतराल पर आउट होते रहे और टीम 18.2 ओवर में महज 119 रन पर सिमट गई.
भारत की ओर से वॉशिंगटन सुंदर ने तीन विकेट झटके जबकि अक्षर पटेल ने दो अहम विकेट लेकर खेल का पासा पलट दिया. शिवम दुबे ने भी दो विकेट लिए.
मैच के बाद अक्षर पटेल ने कहा कि उन्होंने विकेट को देखकर खेला और जब टीम को जरूरत थी तब अपने शॉट्स लगाए. उन्होंने कहा कि यह वही स्थिति थी जिसमें वह हमेशा टीम के लिए योगदान देना पसंद करते हैं. गेंदबाजी के बारे में उन्होंने बताया कि वे बल्लेबाज की ताकत पर ध्यान देते हैं और उसी के मुताबिक लाइन और लेंथ तय करते हैं.
अब भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच टी20 सीरीज का आखिरी मुकाबला 8 नवंबर को ब्रिस्बेन में खेला जाएगा.
भारत ने गोल्ड कोस्ट में जीत के साथ न सिर्फ सीरीज पर कब्जे की दिशा में कदम बढ़ाया बल्कि अपने ऑलराउंडरों की ताकत भी दिखाई. अक्षर पटेल और शिवम दुबे जैसे खिलाड़ी साबित कर रहे हैं कि भारतीय टीम अब केवल बल्लेबाजी या गेंदबाजी पर निर्भर नहीं है. धोनी और युवराज के बाद टीम इंडिया को नए मैच फिनिशर और गेम चेंजर मिल चुके हैं. अगर यही संतुलन आगे भी बना रहा तो भारत टी20 विश्व कप की सबसे खतरनाक टीमों में से एक बन सकता है.