Pakur News: सरकार जहां किसानों की आय दोगुनी करने का दावा करती है, वहीं पाकुड़ जिले के हिरणपुर प्रखंड में एक खदान संचालक ने किसानों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया है. मुर्गाडांगा स्थित एमएस जे जेड स्टोन वर्क्स के खदान मालिक ने सरकारी केनाल पर अतिक्रमण कर उसे मिट्टी से पाट दिया है. अब वही केनाल जो कभी खेतों तक पानी पहुंचाती थी, पूरी तरह बंद हो चुकी है.
जानकारी के अनुसार खदान तक सड़क बनाने के नाम पर संचालक ने सरकारी भूमि पर कब्जा कर लिया और केनाल के ऊपर ही रास्ता बना दिया. इस वजह से पानी का बहाव रुक गया और आसपास के दर्जनों किसानों की फसलें सूखने के कगार पर पहुंच गई हैं. स्थानीय किसान संतोष हेम्ब्रम और सिराजुल शेख ने बताया कि जब यह केनाल बनी थी तब पूरे इलाके के खेत हरे भरे रहते थे. अब खदान मालिक के लालच ने उनकी जमीन की हरियाली छीन ली है.
ग्रामीणों का कहना है कि इतने बड़े पैमाने पर सरकारी संपत्ति पर अतिक्रमण हुआ है और अंचल प्रशासन अब तक चुप है. लोगों ने सवाल उठाया है कि क्या प्रशासन की आंखों पर खदान माफिया की मिट्टी पड़ गई है. उन्होंने मांग की है कि जिला प्रशासन तत्काल जांच कर अवैध सड़क हटाए और दोषी खदान संचालक के खिलाफ कार्रवाई करे.
स्थानीय बुद्धिजीवियों का कहना है कि यह केवल एक केनाल का मामला नहीं बल्कि किसानों की जीविका पर सीधा हमला है. जब सरकारी योजनाओं को इस तरह मुनाफाखोरों के हवाले छोड़ दिया जाएगा तो विकास की धारा कैसे बहेगी.
हिरणपुर की यह घटना दिखाती है कि स्थानीय स्तर पर प्रशासनिक लापरवाही और खदान माफिया की मनमानी किस हद तक बढ़ चुकी है. अगर सरकारी सिंचाई व्यवस्था ही अवैध कब्जे की भेंट चढ़ने लगे तो किसानों के समृद्धि के सारे दावे खोखले साबित होंगे. यह मामला केवल मिट्टी भरने का नहीं बल्कि तंत्र की निष्क्रियता का भी आईना है. प्रशासन को चाहिए कि इस मामले में सख्त कार्रवाई कर एक मिसाल पेश करे ताकि भविष्य में कोई भी मुनाफाखोर किसान की रोटी पर डाका न डाल सके.