Ghatshila By-Elections: जिस घड़ी का इंतजार प्रत्याशियों और मतदाताओं को था, वह आखिरकार आ गई. झारखंड के घाटशिला विधानसभा उपचुनाव में आज सुबह सात बजे से मतदान शुरू हो गया है. कुल 13 उम्मीदवार मैदान में हैं, जिनकी किस्मत का फैसला 2 लाख 56 हजार 352 मतदाता करने जा रहे हैं. निर्वाचन आयोग ने शांतिपूर्ण और निष्पक्ष मतदान के लिए पूरी तैयारी कर ली है. मतदान शाम पांच बजे तक चलेगा.
इस सीट पर मुकाबला सत्तारूढ़ झामुमो और बीजेपी के बीच सीधा माना जा रहा है. झामुमो ने दिवंगत मंत्री रामदास सोरेन के पुत्र सोमेश चंद्र सोरेन को उम्मीदवार बनाया है, जबकि बीजेपी ने बाबूलाल सोरेन पर दांव खेला है. दोनों ही दलों ने जीत सुनिश्चित करने के लिए आखिरी समय तक पूरा जोर लगाया.
प्रशासन ने मतदान प्रक्रिया को लेकर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं. घाटशिला विधानसभा क्षेत्र में करीब तीन सौ मतदान केंद्र बनाए गए हैं. सभी बूथों पर सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है और मतदान प्रक्रिया की निगरानी वेबकास्टिंग के जरिए की जा रही है. जिला प्रशासन ने बताया कि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी रोकने के लिए सभी सेक्टर मजिस्ट्रेट और पुलिस अधिकारी लगातार निगरानी में हैं.
इस बार भी घाटशिला में महिला मतदाताओं की संख्या पुरुषों से अधिक है, जिससे महिलाओं की भागीदारी को लेकर सकारात्मक संकेत मिल रहे हैं. मतदान केंद्रों पर सुबह से ही मतदाताओं की लाइनें दिखने लगीं और पहले दो घंटे में अच्छी खासी वोटिंग दर्ज की गई.
घाटशिला का यह उपचुनाव केवल एक सीट का नहीं बल्कि कई राजनीतिक संकेतों का केंद्र बना हुआ है. झामुमो के लिए यह चुनाव अपने दिवंगत नेता रामदास सोरेन की विरासत को बनाए रखने की परीक्षा है, वहीं बीजेपी इसे पूर्वी सिंहभूम में अपनी पैठ मजबूत करने के अवसर के रूप में देख रही है. दोनों दलों के बीच मुकाबला प्रतिष्ठा का बन चुका है.
इस सीट पर परिणाम आने से पहले ही यह उपचुनाव झारखंड की राजनीतिक दिशा तय करने वाला माना जा रहा है, खासकर तब जब राज्य में आगामी महीनों में निकाय चुनावों की सुगबुगाहट तेज हो रही है. मतदाताओं की भारी भागीदारी से यह भी संकेत मिलता है कि लोग अब विकास और स्थानीय नेतृत्व को लेकर अधिक सजग हो चुके हैं. घाटशिला की जनता आज अपने वोट से यह तय करेगी कि सत्ता की बागडोर परंपरा को मिलेगी या परिवर्तन को.