Jharkhand: टाटा कंपनी से जुड़े एक संवेदक द्वारा मजदूरों को बिना किसी ठोस वजह के काम से निकाल दिए जाने के गंभीर मामले को लेकर यूथ इंटक ने कड़ा रुख अपनाया है। मजदूरों को न्याय दिलाने की मांग करते हुए यूथ इंटक के प्रतिनिधिमंडल ने आज उप श्रमायुक्त से मुलाक़ात की और जल्द से जल्द इस मामले में हस्तक्षेप की अपील की।
मजदूरों ने बताया कि उन्होंने इस अन्यायपूर्ण निष्कासन
मजदूरों ने बताया कि उन्होंने इस अन्यायपूर्ण निष्कासन की शिकायत विगत मार्च के महीने में उप श्रमायुक्त कार्यालय में की थी, लेकिन लगभग आठ महीने बीत जाने के बाद भी उन्हें अब तक कोई इंसाफ नहीं मिला है। इसके बाद हताश मजदूरों ने यह मामला यूथ इंटक के प्रदेश अध्यक्ष सत्यम सिंह के समक्ष रखा।
सत्यम सिंह ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए
सत्यम सिंह ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए कहा कि मजदूरों को बिना कारण हटाना पूरी तरह से गैर-कानूनी है और यह उनके श्रम अधिकारों का खुला उल्लंघन है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यूथ इंटक इन पीड़ित मजदूरों के अधिकार की लड़ाई हर स्तर पर लड़ेगी और उन्हें न्याय दिलाकर रहेगी।
यूथ इंटक ने उप श्रमायुक्त से मांग की है कि
यूथ इंटक ने उप श्रमायुक्त से मांग की है कि मामले की तत्काल जांच कराई जाए और निष्कासित मजदूरों को ससम्मान काम पर वापस लिया जाए और उन्हें उचित मुआवजा दिया जाए। यूथ इंटक का यह कदम मजदूरों के बीच आश्वासन पैदा करता है कि उनके हितों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।