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  • 2025-11-19

Jamshedpur JNAC Big News: जमशेदपुर में अवैध निर्माण पर हाईकोर्ट सख्त, JNAC के डिप्टी कमिश्नर कृष्ण कुमार को तलब, अदालत के साथ धोखा करने का आरोप

Jamshedpur JNAC Big News: झारखंड हाईकोर्ट ने जमशेदपुर में अवैध निर्माण और पार्किंग कब्जे के मामले में जेएनएसी को जमकर फटकार लगाई है. मुख्य न्यायाधीश की बेंच ने जेएनएसी के डिप्टी कमिश्नर कृष्ण कुमार को 20 नवंबर को अदालत में सशरीर हाजिर होने का आदेश दिया है. अदालत ने साफ कहा कि जेएनएसी बार बार झूठे हलफनामे देकर अदालत को गुमराह कर रही है और अवमानना की कार्रवाई तय है.

दरअसल राकेश झा की याचिका पर चल रहे मामले में 17 सितंबर को हाईकोर्ट ने जेएनएसी को सख्त निर्देश दिया था कि अवैध निर्माण करने वालों और पार्किंग कब्जा करने वालों के खिलाफ क्या कार्रवाई की गई इसका टेबुलर फॉर्म में ब्योरा दें. साथ ही जिन बिल्डिंगों को कंपलीशन सर्टिफिकेट दिया और जिन्हें नहीं दिया उनके नाम बताएं. जिन बिल्डिंगों को बिना कंपलीशन सर्टिफिकेट के बिजली पानी कनेक्शन दिया गया है उनकी लिस्ट दें और यह भी बताएं कि वे कमर्शियल रेट चुकाते हैं या डोमेस्टिक. लेकिन जेएनएसी ने 10 नवंबर और फिर बुधवार को पेश किए गए हलफनामे में कोई जवाब नहीं दिया.

इस पर अदालत भड़क गई. याचिकाकर्ता के वकील अखिलेश श्रीवास्तव ने खुलासा किया कि जेएनएसी 2011 से अब तक एक ही झूठ बोल रही है कि 46 बिल्डिंग सील हैं. जबकि उन सीलों को सालों पहले हटा लिया गया और उनमें और अवैध निर्माण हो गया. जेएनएसी ने 1900 बिल्डिंग प्लान पास किए लेकिन सिर्फ 24 को ही कंपलीशन सर्टिफिकेट दिया. बाकी सबमें बिना कंपलीशन के बिजली पानी कनेक्शन दिलवा दिया गया. श्रीवास्तव ने आरोप लगाया कि मौजूदा डिप्टी कमिश्नर कृष्ण कुमार ने पिछले 6 साल में 650 अवैध बिल्डिंग प्लान पास किए और बिल्डरों को खुली छूट दी.

अदालत ने जब जेएनएसी के मौजूदा स्पेशल ऑफिसर से पूछा तो उन्होंने कहा कि सारा प्रभार कृष्ण कुमार के पास है. इस पर अदालत ने हैरानी जताई और कृष्ण कुमार को तलब कर लिया. जेएनएसी के वकील जब इंडस्ट्रियल टाउन का राग अलापने लगे तो अदालत ने उन्हें बाहर जाने को तक कह दिया. अदालत ने साफ कहा कि जेएनएसी चाहे 44 वर्ग किलोमीटर में काम करे या 200 में अवैध निर्माण की जिम्मेदारी उसकी है और जवाब उसे ही देना होगा.

हाईकोर्ट की यह सख्ती जमशेदपुर के अवैध निर्माण के खेल पर लगाम कसने वाली है. जेएनएसी पिछले 14 साल से एक ही झूठे हलफनामे की कॉपी पेस्ट कर अदालत को चकमा देती रही लेकिन अब पर्दा फाश हो गया. कृष्ण कुमार की तलब से साफ है कि अदालत अब सिर्फ कागजी जवाब नहीं बल्कि जिम्मेदार अफसर को सीधे जवाबदेह ठहराना चाहती है. अगर 20 नवंबर को कृष्ण कुमार संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए तो अवमानना के साथ निलंबन तक की कार्रवाई हो सकती है. यह मामला सिर्फ एक अफसर का नहीं बल्कि पूरे जेएनएसी तंत्र की भ्रष्ट व्यवस्था को बेनकाब कर रहा है. जमशेदपुर के लोग सालों से अवैध बिल्डिंग और पार्किंग की समस्या झेल रहे हैं और अब हाईकोर्ट ने साफ कर दिया है कि छूट किसी को नहीं मिलेगी. आने वाली सुनवाई में कई बड़े नाम खुल सकते हैं.
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