Back to Top

Facebook WhatsApp Telegram YouTube Instagram
Push Notification

🔔 Enable Notifications

Subscribe now to get the latest updates instantly!

Jharkhand News26 – fastest emerging e-news channel.
  • 2025-11-23

Bihar News: लालू परिवार पर तीन तरफा संकट, घर की कलह, चुनावी हार और कानूनी दबाव

Bihar News: लालू प्रसाद यादव का परिवार इस समय गहरे संकट से गुजर रहा है. चुनावी पराजय की चोट के बीच अब घर के अंदर का विवाद खुलकर सामने आ गया है. रोहिणी आचार्य के आरोपों ने परिवार के भीतर चल रही खींचतान को उजागर कर दिया है और यह हलचल सीधे पार्टी तक पहुंच गई है. इसके साथ ही लैंड फॉर जॉब केस का कानूनी खतरा भी और बढ़ गया है.

तीन मोर्चों से घिरा लालू परिवार
राजद की हार का दर्द अभी ताजा ही था कि पारिवारिक विवाद ने माहौल और तनावपूर्ण कर दिया. जानकारों के अनुसार परिवार पर तीन तरफ से दबाव है. राजनीतिक हार, पारिवारिक तनाव और कानूनी खतरा. तीनों एक साथ सामने खड़े हैं और पूरा परिवार इन संकटों के बोझ से दबा हुआ दिख रहा है.

रोहिणी आचार्य के आरोपों से खुली अंदरूनी खाई
रोहिणी आचार्य ने सार्वजनिक तौर पर कहा कि उन्हें राबड़ी आवास से भगा दिया गया. उनके साथ अभद्र व्यवहार हुआ, चप्पल दिखाई गई, गालियां दी गईं. रोहिणी के वहां से निकलते ही उनकी तीन बहनें भी वहां से चली गईं. इससे यह साफ हो गया कि परिवार के भीतर की खाई गहरी है. हैरानी की बात यह रही कि लालू यादव, राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव किसी ने भी रोहिणी के समर्थन में कुछ नहीं कहा. यह चुप्पी संकेत देती है कि विवाद सतह से कहीं ज्यादा गहरा है.

चुनावी हार के बाद उठे सवाल
बिहार चुनाव में राजद सिर्फ 25 सीटों पर सिमट गई. तेजस्वी यादव, जिन्हें पार्टी का भविष्य माना जा रहा था. अब कमजोर विपक्ष की भूमिका में हैं. नेतृत्व पर सवाल उठ रहे हैं और यह सवाल परिवार के भीतर से भी उठ रहे हैं. तेजप्रताप की नाराजगी, मीसा और तेजस्वी के बीच पुरानी तनातनी और अब रोहिणी का पब्लिक आरोप सबने पार्टी की छवि को नुकसान पहुंचाया है.

हार की जिम्मेदारी पर बढ़ा विवाद
चुनाव हारने के बाद यह बहस तेज है कि असल जिम्मेदारी किसकी है. रोहिणी ने तेजस्वी के दो करीबी संजय यादव और रमिज नेमत खान पर सवाल उठाए हैं. उधर भाजपा इस विवाद को राजनीतिक अवसर के रूप में देख रही है. तेजप्रताप को अचानक Y श्रेणी सुरक्षा मिलना भी राजनीतिक संकेतों के रूप में पढ़ा जा रहा है.

विरासत की लड़ाई और बढ़ती दूरियां
लालू परिवार के 9 बच्चों में मीसा, रोहिणी, तेजस्वी और तेजप्रताप सक्रिय राजनीति में हैं. हालांकि अब रोहिणी ने राजनीति से किनारा कर लिया है. हर किसी की अपनी महत्वाकांक्षा है और इसी वजह से विवाद गहराता जा रहा है. तेजप्रताप पहले भी नाराजगी जता चुके हैं. वहीं सूत्रों के अनुसार तेजस्वी की पत्नी राजश्री भी टिकट वितरण और रणनीति में अहम भूमिका निभा रही हैं. इसने परिवार के भीतर और तनाव बढ़ा दिया है.

लैंड फॉर जॉब केस का कानूनी संकट
पारिवारिक विवाद और चुनावी हार से अलग कानूनी संकट सबसे बड़ा खतरा बनकर खड़ा है. लैंड फॉर जॉब केस में लालू प्रसाद पहले ही चार्जशीटेड हैं. सबसे बड़ा खतरा तेजस्वी यादव पर है. अगर उन्हें दो साल या उससे अधिक की सजा होती है तो उनकी विधायकी रद्द हो सकती है.

संकट थमने के आसार नहीं
पारिवारिक झगड़ा, राजनीतिक पराजय और कानूनी दबाव, तीनों मोर्चों पर संकट ने परिवार को कठिन स्थिति में ला दिया है. रोहिणी का सार्वजनिक बयान बताता है कि मामला अब सिर्फ निजी विवाद नहीं, बल्कि राजनीतिक भविष्य को भी प्रभावित करने वाला है. आने वाला समय तय करेगा कि परिवार इस संकट से बाहर निकल पाएगा या विवाद और बढ़ेगा.

लालू परिवार का मौजूदा संकट सिर्फ निजी तनाव का मामला नहीं. यह राजनीतिक नेतृत्व, पार्टी की दिशा और भविष्य की विरासत को तय करने वाला मोड़ है. परिवार के अंदर की टूट राजद की संगठनात्मक क्षमता को कमजोर कर रही है. दूसरी ओर कानूनी खतरा पार्टी की नेतृत्व संरचना पर सीधा असर डाल सकता है. अगर यह विवाद लंबा चला तो राजद के लिए एकजुट होकर आगे बढ़ना मुश्किल हो जाएगा.
WhatsApp
Connect With WhatsApp Cannel !