सरायकेला: जिले के ईचागढ़ थाना अंतर्गत हाल ही में हुए बालू प्रकरण में नया मोड़ आ गया है। तरुण महतो की पत्नी भानुमति महतो ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि प्रशासन, स्थानीय नेताओं और कुछ प्रभावशाली लोगों की मिलीभगत से उनके पति को साजिशन फँसाया गया है। उन्होंने MLA सबिता महतो पर भी निशाना साधा और कहा, "यह पूरा मामला एक सेट-अप है, प्रशासन ने मेरे पति के साथ अत्यंत बर्बरता की है।"
पीड़िता का बयान:
"मेरे पति बेगुनाह हैं। सबने मिलकर उन्हें फँसाया है। गिरफ्तारी के दौरान प्रशासन ने अमानवीय व्यवहार किया। इसकी निष्पक्ष जांच ही सच सामने लाएगी।"
इधर, जीएलकेएम के जिला अध्यक्ष दीपक महतो ने प्रेस वार्ता कर कई अहम मुद्दे उठाए। उन्होंने कहा, "जिस तरीके से कार्रवाई की गई, वह संदिग्ध है। पूरी जांच पारदर्शी तरीके से होनी चाहिए। उन्होंने पूर्व थाना प्रभारी विक्रमादित्य पांडे और आरक्षी नरेश यादव की संपत्ति का जांच करवाने के लिए सरकार से गौहर लगाइ हैं, उन्होंने 25 नवंबर को उपायुक्त कार्यालय में शांतिपूर्ण धरने का ऐलान किया और लोगों से समर्थन की अपील की।
जीएलकेएम नेता ने कहा, "हम सत्य की लड़ाई लड़ रहे हैं। 25 नवंबर के धरने में अधिक से अधिक लोग शामिल होकर हमारा समर्थन करें।" मामले को लेकर स्थानीय स्तर पर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है और आने वाले दिनों में यह विवाद और गहराने की संभावना है.