पत्नी रंजू सिंह से परामर्श के बाद देर रात लगभग 3 बजे एयर एंबुलेंस से दिल्ली स्थित अपोलो अस्पताल ले जाया गया, जहां उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया था। लगातार इलाज के प्रयासों के बावजूद उन्होंने मंगलवार सुबह अंतिम सांस ली। उनके निधन के समाचार से पूरा शहर शोक में डूब गया है। आईएमए, राजनीतिक दलों और समाजसेवी संगठनों ने गहरा शोक व्यक्त करते हुए कहा कि डॉ. नागेंद्र सिंह का निधन समाज के लिए अपूरणीय क्षति है।
जरूरतमंदों के थे सच्चे मसीहा
डॉ. नागेंद्र सिंह जमशेदपुर के उन चुनिंदा चिकित्सकों में से एक थे, जो गरीब और जरूरतमंद मरीजों का मुफ्त इलाज करते थे। अपनी मां की स्मृति में उन्होंने गंगा मेमोरियल अस्पताल की स्थापना की थी। पिछले 32 वर्षों से वे गरीब मरीजों के लिए फ्री सर्जरी और इलाज उपलब्ध करा रहे थे, जिसके कारण मरीज उन्हें “धरती का भगवान” कहलाते थे। उन्होंने अब तक हजारों मरीजों की मुफ्त सर्जरी की और कई बार मरीजों को घर ले जाने तक की व्यवस्था कराते थे। हर वर्ष वह अपनी मां की याद में दो महीनों का मुफ्त सर्जरी शिविर आयोजित करते थे।
सब्जी वाले डॉक्टर के नाम से भी थे मशहूर
ग्रामीण इलाके के लोग उन्हें ‘सब्जी वाले डॉक्टर’ के नाम से भी जानते थे। अक्सर मरीज बिना पैसे इलाज कराकर चले जाते, और बाद में कृतज्ञता स्वरूप सब्जियां लेकर आते थे। डॉ. नागेंद्र सिंह सादगी और सेवा भावना से भरे व्यक्ति थे और वह इन सब्जियों को सहर्ष स्वीकार करते थे।
गंभीर बीमारियों के विशेषज्ञ डॉ. सिंह हर्निया, हाइड्रोसील, अपेंडिक्स, ट्यूमर जैसी कई जटिल बीमारियों की सर्जरी में विशेषज्ञ थे और मरीजों के अनुसार वह चुटकी में दर्द दूर कर देते थे।
शहर में शोक व श्रद्धांजलि उनकी मृत्यु की खबर से जमशेदपुर और आसपास के सभी क्षेत्रों में शोक की लहर है। लोग सोशल मीडिया और व्यक्तिगत रूप से उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित कर रहे हैं।