Jharkhand: झारखंड केंद्रीय विश्वविद्यालय ने नैक ग्रेड रिव्यू में शानदार सफलता प्राप्त करते हुए A+ ग्रेड हासिल किया है। यह झारखंड का एकमात्र विश्वविद्यालय है जिसे यह प्रतिष्ठित ग्रेड मिला है। इस उपलब्धि की औपचारिक घोषणा कुलपति प्रो. क्षिति भूषण दास ने विश्वविद्यालय के विज्ञान सभागार में करते हुए प्राध्यापकों, अधिकारीगण, कर्मचारियों और विद्यार्थियों को संबोधित किया। उन्होंने इस उपलब्धि को विश्वविद्यालय परिवार के सामूहिक प्रयासों का परिणाम बताया।
अपने संबोधन में कुलपति ने कहा, “यदि हम सभी अपनी शक्ति और प्रयास को एक दिशा में केंद्रित कर लक्ष्य की ओर बढ़ें, तो सफलता निश्चित है। आज हम बी ग्रेड से ए+ ग्रेड तक पहुँचे हैं। अब हमारा संकल्प इस ग्रेड को बनाए रखते हुए विश्वविद्यालय को विश्वस्तरीय मानकों तक पहुँचाना है।”
कार्यक्रम में नैक समन्वयन प्रकोष्ठ के अध्यक्ष प्रो. के. बी. पंडा भी उपस्थित थे, जिनके नेतृत्व में नैक सेल ने यह उपलब्धि हासिल की। उन्होंने कुलपति के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि विश्वविद्यालय ने उनके मार्गदर्शन में एक बड़ी छलांग लगाई है।
कार्यक्रम का संचालन विश्वविद्यालय के कुलसचिव के. कोसल राव ने किया और उन्होंने भी सभी के योगदान की प्रशंसा की। समारोह में विश्वविद्यालय के सभी वरिष्ठ पदाधिकारी, शिक्षक, कर्मचारी और विद्यार्थी बड़ी संख्या में उपस्थित थे। इस उपलब्धि से पूरे विश्वविद्यालय समुदाय और पूर्व छात्रों में उत्साह और गर्व का वातावरण है।
ज्ञात हो कि गत चार वर्षों में सीयूजे ने शिक्षा और शोध के क्षेत्र में निरंतर उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। भारत और राज्य सरकार के सहयोग से विश्वविद्यालय तेज़ी से विकास पथ पर अग्रसर है और विश्वस्तरीय शिक्षा प्रदान करने के अपने संकल्प को मजबूत कर रहा है। इसी अवधि में विश्वविद्यालय ने नैक ग्रेड बी से ए+ तक का सफल सफर तय किया है।
शोध के क्षेत्र में भी विश्वविद्यालय ने उल्लेखनीय प्रगति की है। प्रो. दास के नेतृत्व में लगभग ₹40 करोड़ मूल्य की परियोजनाएँ संचालित हो रही हैं। 500 किलोवाट का सोलर पावर स्टेशन, अत्याधुनिक रिमोट-एक्सेस लाइब्रेरी, उन्नत प्रयोगशालाएँ, कंप्यूटर एवं लैंग्वेज लैब, मल्टीमीडिया स्टूडियो और कम्युनिटी रेडियो जैसे अनेक सुविधाएँ स्थापित की गई हैं।
साथ ही, विश्वविद्यालय अब अपने स्थायी परिसर से लगभग 3000 विद्यार्थियों के साथ पूर्ण रूप से संचालित है और सभी शैक्षणिक गतिविधियाँ अकादमिक कैलेंडर के अनुसार समय पर संपन्न हो रही हैं। विश्वस्तरीय शिक्षा के उद्देश्य से दक्षिण कोरिया, चीन, जापान, जर्मनी और चिली के विश्वविद्यालयों के साथ सक्रिय समझौते एवं शोध सहयोग जारी हैं।
अंतरराष्ट्रीय सहयोग के साथ-साथ, विश्वविद्यालय का प्लेसमेंट भी पिछले चार वर्षों में 70 प्रतिशत से अधिक हो गया है। इन सभी उपलब्धियों के केंद्र में कुलपति प्रो. दास का नेतृत्व और विश्वविद्यालय परिवार का समर्पण रहा है।