Jamshedpur News: भुइयांडीह स्वर्णरेखा बर्निंग घाट गोलचक्कर पर जिला प्रशासन और टाटा स्टील यूआइएसएल द्वारा की गई अचानक अतिक्रमण हटाओ कार्रवाई के विरोध में भारतीय जनता पार्टी का प्रतिनिधिमंडल शनिवार को उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी से मिला. भाजपा जमशेदपुर महानगर अध्यक्ष सुधांशु ओझा के नेतृत्व में पहुंचे प्रतिनिधिमंडल के साथ जमशेदपुर के सांसद विद्युत वरण महतो भी मौजूद थे. प्रतिनिधिमंडल ने उपायुक्त को ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई की समयसारिणी और तौर-तरीकों पर आपत्ति जताई और इसे संवेदनहीन बताया.
भाजपा पदाधिकारियों ने कहा कि कड़ाके की ठंड में बेघर किए गए परिवार खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हैं. कई घर टूट जाने के बाद लोग बिना किसी वैकल्पिक व्यवस्था के घायल और परेशान हालत में हैं. प्रतिनिधिमंडल का कहना था कि प्रशासन चाहे तो इस प्रक्रिया को कुछ दिनों के लिए स्थगित कर प्रभावित परिवारों को तैयारी और स्थानांतरण का समय दे सकता था.
सांसद विद्युत वरण महतो ने कहा कि प्रशासनिक कार्रवाई कानून के तहत हो सकती है, लेकिन किसी भी स्थिति में गरीब परिवारों की पीड़ा को अनदेखा नहीं किया जाना चाहिए. उन्होंने जिला प्रशासन से तत्काल राहत देने, अस्थायी आश्रय की व्यवस्था करने और सभी प्रभावित परिवारों के सुरक्षित पुनर्वास की मांग की. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि पुनर्वास कार्यों में मानवीय संवेदना को प्राथमिकता मिलनी चाहिए.
उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी ने प्रतिनिधिमंडल की बातों को सुनकर भरोसा दिलाया कि प्रभावित परिवारों के पुनर्वास के लिए आवश्यक कदम तेजी से उठाए जाएंगे और राहत उपायों की शुरुआत शीघ्र की जाएगी. प्रतिनिधिमंडल में रामबाबू तिवारी, बबुआ सिंह, राजीव सिंह, मिली दास, संजीव कुमार, संजीत चौरसिया और अन्य मौजूद रहे.
भुइयांडीह अतिक्रमण हटाओ अभियान को लेकर राजनीतिक विमर्श तेज हो गया है. भाजपा इसे मानवता विरोधी बता रही है, जबकि प्रशासन नियमानुसार कार्रवाई का हवाला दे रहा है. मुख्य सवाल प्रभावित परिवारों के त्वरित पुनर्वास और राहत व्यवस्था पर टिका है, जिस पर अब प्रशासन की अगली कार्रवाई तय करेगी कि तनाव कम होगा या विवाद और गहराएगा.