Jharkhand News: रांची में रिम्स कैंपस की अव्यवस्था पर झारखंड हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है और पूरे परिसर से अतिक्रमण हटाने के लिए 72 घंटे की सख्त समय सीमा तय की है. कोर्ट ने साफ कहा है कि तय समय में कार्रवाई नहीं होने पर इसे अदालत की अवमानना माना जाएगा.
मुख्य न्यायाधीश त्रिलोक सिंह चौहान की खंडपीठ ने जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान रिम्स प्रशासन से नाराजगी जताई. कोर्ट ने कहा कि कैंपस में फैला अतिक्रमण मरीजों, छात्रों और अस्पताल के दैनिक कामकाज को प्रभावित कर रहा है. बेंच ने राज्य सरकार और रिम्स प्रशासन को स्पष्ट कर दिया कि किसी भी तरह की देरी स्वीकार नहीं की जाएगी.
कोर्ट ने निर्देश दिया कि रिम्स परिसर की गतिविधियों पर विशेष निगरानी रखी जाए और 72 घंटे बाद की स्थिति रिपोर्ट कोर्ट के सामने पेश की जाए. इस मामले की अगली सुनवाई 11 दिसंबर को होगी. रिम्स की ओर से अधिवक्ता अशोक कुमार ने पक्ष रखा.
हाईकोर्ट का यह आदेश रिम्स की वर्षों से चली आ रही अव्यवस्था पर सीधी चिन्ता को दर्शाता है. बार-बार की चेतावनियों के बावजूद सुधार न होने से अदालत का रुख सख्त हुआ है. आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि रिम्स प्रशासन तय समय में कितना प्रभावी कदम उठा पाता है और क्या यह कार्रवाई लंबे समय के सुधार में बदल पाती है.