इस विधायी कदम को तम्बाकू-संबंधी हानिकारक उत्पादों के उपभोग को हतोत्साहित करने और राष्ट्रीय स्वास्थ्य सुरक्षा पहलों के लिए समर्पित राजस्व उत्पन्न करने की दिशा में केंद्र सरकार के एक रणनीतिक उपाय के रूप में देखा जा रहा है।
विधेयक पर हुई चर्चा का जवाब देते हुए, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इस प्रावधान का जोरदार समर्थन किया। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह उपाय सार्वजनिक स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और राजस्व संग्रह प्रणालियों को सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण और निर्णायक कदम है।
मंत्री ने तर्क दिया कि इस नए उपकर से प्राप्त राजस्व को विशेष रूप से उन स्वास्थ्य योजनाओं के लिए आवंटित किए जाने की उम्मीद है जो तम्बाकू के उपयोग से उत्पन्न स्वास्थ्य चुनौतियों से निपटने और राष्ट्रीय स्वास्थ्य सुरक्षा संरचना को बढ़ावा देने पर केंद्रित हैं। वित्त मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि सरकार उन उपभोग वस्तुओं पर वित्तीय बोझ डालना चाहती है जिन्हें स्वास्थ्य के लिए हानिकारक माना जाता है, बजाय इसके कि यह बोझ सामान्य वस्तुओं और सेवाओं पर पड़े।
विपक्ष ने विधेयक में कुछ संशोधन लाने का प्रयास किया, लेकिन सदन ने कड़े रुख के साथ विपक्ष द्वारा लाए गए सभी संशोधनों को खारिज कर दिया। इसके बाद, विधेयक को ध्वनिमत से पारित कर दिया गया। विधेयक का यह त्वरित पारित होना मौजूदा सत्र के दौरान सरकार के विधायी एजेंडे को रेखांकित करता है, जिसका उद्देश्य राजकोषीय और स्वास्थ्य सुधारों को एक साथ लाना है।