Jharkhand Tourism News: झारखंड राज्य युवा आयोग ने पर्यटन स्थलों पर बढ़ते नशापान और उससे होने वाले दुष्प्रभावों को लेकर बड़ा कदम उठाया है. आयोग ने सीता जलप्रपात, जोन्हा और हिरनी जलप्रपात, पंचघाघ, रिमिक्स स्थल, दशम और हुंडरू जलप्रपात में व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने की औपचारिक मंजूरी दे दी है. यह कार्यक्रम 07 दिसंबर 2025 से 25 जनवरी 2026 तक विभिन्न चरणों में आयोजित किए जाएंगे.
इन प्रमुख जलप्रपातों को इसलिए चुना गया है क्योंकि पर्यटन सीजन में यहां बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंचते हैं. अभियान का उद्देश्य सीधे मौके पर मौजूद लोगों तक संदेश पहुंचाना है. सभी कार्यक्रम प्रवेश या निकास बिंदुओं पर होंगे और इनका समय सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक तय किया गया है. जरूरत पड़ने पर सुरक्षा और परिवहन कारणों से एक घंटे की अतिरिक्त छूट दी जाएगी.
अभियान को सफल बनाने के लिए शिक्षा विकास समिति ज्वलित विहार बरियातु, डोरंडा स्थित संस्था और अविष्कार फाउंडेशन रातू रोड को अलग-अलग तिथियों पर कार्यक्रम कराने की जिम्मेदारी दी गई है. दिसंबर महीने में प्रत्येक सप्ताहांत और जनवरी में निर्धारित तिथियों पर जलप्रपातों में कार्यक्रम होंगे.
नुक्कड़ नाटक और लाइव परफॉर्मेंस मुख्य होंगे आकर्षण का केंद्र
नुक्कड़ नाटक और लाइव परफॉर्मेंस इस अभियान का मुख्य आकर्षण होंगे. प्रतिदिन दो घंटे का नुक्कड़ नाटक होगा जिसे 15 मिनट के छोटे शिफ्ट में प्रस्तुत किया जाएगा. इसके अलावा रैली, स्थानीय भाषाओं में गीत, प्री रिकार्डेड संदेश और दर्शकों की सहभागिता पर भी जोर दिया जाएगा.
युवा आयोग कार्यक्रम के लिए गजीबो, कैनोपी, बैकड्रॉप, स्टैंडी, प्लेज कार्ड और जरूरी स्टेशनरी उपलब्ध कराएगा. जबकि आयोजन करने वाली संस्थाओं को कलाकार, वालंटियर, परिवहन, भोजन, माइक, फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी की व्यवस्था खुद करनी होगी. प्रति आयोजन 24500 रुपये की अधिकतम सीमा तय की गई है और सभी कार्यक्रमों में स्थानीय युवा कलाकारों और वालंटियर्स को प्राथमिकता दी जाएगी.
जलप्रपात क्षेत्रों में सुरक्षा मानकों का पालन अनिवार्य होगा. स्थानीय पर्यटक मित्रों के साथ समन्वय भी जरूरी है. किसी भी दुर्घटना की जिम्मेदारी आयोजन करने वाली संस्था की होगी. आयोग और विभाग की टीम समय समय पर औचक निरीक्षण कर सकती है और मानकों का उल्लंघन मिलने पर भुगतान में कटौती या कार्रवाई की जा सकती है.
सभी कार्यक्रमों की जियो टैग्ड फोटो और वीडियो अधिकृत व्हाट्सऐप समूह में भेजना अनिवार्य होगा. इसके अलावा सप्ताह पूरा होने पर कार्यक्रमों की डायरी, विपत्र और मीडिया सामग्री युवा आयोग को सौंपनी होगी.
कार्यक्रमों के माध्यम से जागरूकता फैलाना प्रभावी रणनीति
युवा आयोग का यह कदम राज्य में पर्यटन स्थलों पर नशापान की बढ़ती समस्या को सीधे मौके पर रोकने का प्रयास है. जलप्रपातों पर होने वाली भीड़ को देखते हुए नुक्कड़ नाटक और लाइव कार्यक्रमों के माध्यम से जागरूकता फैलाना प्रभावी रणनीति माना जा सकता है. सुरक्षा को लेकर सख्त नियम और जियो टैग्ड रिकॉर्डिंग की अनिवार्यता यह दर्शाती है कि आयोग इस अभियान को सिर्फ प्रतीकात्मक कार्यक्रम नहीं बल्कि एक गंभीर हस्तक्षेप के रूप में लागू कर रहा है. आयोजक संस्थाओं की जवाबदेही तय की गई है जिससे पारदर्शिता और वास्तविक कार्यान्वयन सुनिश्चित हो सकेगा.