ट्रैफिक पुलिसिंग में तैनात जवानों एवं पदाधिकारियों का यह कर्तव्य है कि वे तत्परता से ट्रैफिक जाम की समस्या से जनता को राहत दिलाएँ। इसके अतिरिक्त जिन कंपनियों के भारी वाहन इन मार्गों पर पर खड़े किए जा रहे हैं, उनके द्वारा 24×7 निजी सुरक्षाकर्मियों की तैनाती अनिवार्य की जाए, ताकि आम राहगीरों एवं वाहन चालकों को सुरक्षा के साथ सुचारु यातायात की सुविधा मिल सके।
पिछली कार्रवाई और वर्तमान स्थिति
उल्लेखनीय है कि गत जुलाई माह में जब यह समस्या पहली बार गंभीर रूप से सामने आई थी, तब मैंने स्वयं बर्मामाइंस क्षेत्र का सघन दौरा कर मौके से ही टाटा स्टील, यूआईएसएल प्रबंधन एवं जिला प्रशासन को स्थिति से अवगत कराया था। तत्काल हस्तक्षेप के बाद लगभग एक माह तक स्थिति में सुधार रहा, किंतु उसके बाद अवैध पार्किंग, गलत तरीके से भारी वाहनों की आवाजाही और प्रदूषण की समस्या पुनः यथावत हो गई, जिससे दुर्घटनाओं और स्वास्थ्य संबंधी जोखिमों में निरंतर वृद्धि हो रही है।
उपायुक्त का आश्वासन और आगामी कदम
इन सभी तथ्यों को संज्ञान में लेते हुए उपायुक्त ने आश्वासन दिया है कि आगामी सोमवार को टाटा स्टील प्रबंधन, टाटा स्टील यूआईएसएल प्रबंधन एवं जिला प्रशासन की संयुक्त बैठक बुलाई जाएगी। इस बैठक में बर्मामाइंस क्षेत्र की समस्त समस्याओं पर गंभीरता से विचार कर व्यावहारिक एवं स्थायी समाधान शीघ्र निकाला जाएगा, ताकि स्थानीय जनता को लंबे समय से चली आ रही परेशानियों से स्थायी राहत मिल सके।