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  • 2025-12-13

Jharkhand News: खनिज भूमि पर सेस बढ़ाकर झारखंड सरकार का बड़ा दांव, राजस्व बढ़ाने पर जोर

Jharkhand News: झारखंड सरकार ने खनिज धारित भूमि पर लगने वाले सेस की दरों में बढ़ोतरी का फैसला किया है. सरकार का कहना है कि इस कदम का उद्देश्य राज्य के विकास कार्यों और पर्यावरण संरक्षण के लिए अतिरिक्त संसाधन जुटाना है. सेस दर बढ़ने से राज्य को अनुमानित 6 से 7 हजार करोड़ रुपये तक अतिरिक्त राजस्व मिलने की उम्मीद जताई जा रही है.

आखिर क्यों बढ़ाया जा रहा है सेस
सरकार के अनुसार सेस दर बढ़ाने के पीछे कई कारण हैं. बीते कुछ वर्षों में महंगाई तेजी से बढ़ी है, जिससे सड़क निर्माण, पर्यावरण प्रबंधन और अन्य बुनियादी कार्यों की लागत में लगभग 40 से 60 प्रतिशत तक इजाफा हुआ है. कोविड-19 के बाद औद्योगिक गतिविधियों और वित्तीय योजनाओं में भी बदलाव आया है, जिसका सीधा असर खर्चों पर पड़ा है. इसके अलावा न्यायालयों के निर्देशों के कारण खनन कंपनियों पर पर्यावरण सुरक्षा और पुनर्वास को लेकर अतिरिक्त वित्तीय जिम्मेदारियां तय हुई हैं. सरकार का यह भी तर्क है कि झारखंड सामाजिक और आर्थिक रूप से पिछड़ा राज्य है, जहां गरीबी, कुपोषण और मातृ एवं शिशु मृत्यु दर जैसी समस्याएं गंभीर हैं, ऐसे में विकास के लिए अधिक राजस्व की आवश्यकता है.

सेस से मिलने वाली राशि का कई क्षेत्रों में किया जाएगा उपयोग
सरकार का कहना है कि बढ़े हुए सेस से मिलने वाली राशि का उपयोग कई अहम क्षेत्रों में किया जाएगा. इसमें शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाएं, पेयजल, पोषण कार्यक्रम, रोजगार सृजन और आदिवासी कल्याण से जुड़ी योजनाओं पर निवेश शामिल है. इसके साथ ही खनन से प्रभावित इलाकों में पर्यावरण संरक्षण, पुनर्वास और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर भी जोर दिया जाएगा. सरकार का दावा है कि इस फैसले से सामाजिक विकास को गति मिलेगी और मानव विकास सूचकांकों में सुधार लाने में मदद मिलेगी.

सेस से प्राप्त राशि का उपयोग पारदर्शिता के साथ होना जरुरी
खनिज पर सेस बढ़ाने का फैसला सरकार के लिए राजस्व बढ़ाने का एक मजबूत जरिया हो सकता है, लेकिन इसका असर खनन उद्योग और निवेश माहौल पर भी पड़ेगा. सरकार के सामने चुनौती यह रहेगी कि बढ़े हुए सेस से प्राप्त राशि का उपयोग पारदर्शिता के साथ विकास और पर्यावरण संरक्षण में किया जाए, ताकि इसका सीधा लाभ स्थानीय लोगों तक पहुंचे और उद्योगों पर अनावश्यक बोझ न पड़े.
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