Jharkhand Big News: झारखंड शराब घोटाले से जुड़े फर्जी बैंक गारंटी मामले में एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की जांच लगातार आगे बढ़ रही है. इसी कड़ी में शनिवार को गिरफ्तार किए गए मार्शन इनोवेटिव सिक्योरिटी सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक जगन तुकाराम देसाई को रविवार को रांची लाया गया. एसीबी की टीम फ्लाइट के जरिए उन्हें लेकर रांची एयरपोर्ट पहुंची, जहां से आगे की कानूनी प्रक्रिया के तहत उन्हें कोर्ट में पेश किया जाएगा.
गुजरात के पोखरण से हुई गिरफ्तारी
एसीबी रांची थाना कांड संख्या 09/2025 के तहत दर्ज इस मामले में जगन तुकाराम देसाई को गुजरात के पोखरण स्थित सप्तगिरी कोऑपरेटिव हाउसिंग सोसाइटी से गिरफ्तार किया गया था. जांच एजेंसी के अनुसार यह मामला मार्शन इनोवेटिव सिक्योरिटी सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड से जुड़ा हुआ है, जिसने झारखंड राज्य बिवरेजेज कॉरपोरेशन लिमिटेड के साथ गंभीर धोखाधड़ी की.
फर्जी बैंक गारंटी जमा करने का आरोप
एसीबी की जांच में सामने आया है कि कंपनी को ई-टेंडर की शर्तों के तहत जोन 04 धनबाद के लिए जेएसबीसीएल के पक्ष में बैंक गारंटी जमा करनी थी. लेकिन कंपनी ने निर्धारित प्रक्रिया का पालन न करते हुए फर्जी बैंक गारंटी जमा कर दी. जांच के दौरान जगन तुकाराम देसाई के खिलाफ इस फर्जीवाड़े से जुड़े ठोस साक्ष्य मिलने के बाद उनकी गिरफ्तारी की गई.
एसीबी अधिकारियों का कहना है कि पूरे फर्जीवाड़े के नेटवर्क की परतें खोली जा रही हैं. जांच टीम इस मामले से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी पड़ताल कर रही है और आने वाले दिनों में और खुलासे होने की संभावना है.
झारखंड में सरकारी निविदाओं से जुड़े भ्रष्टाचार की गंभीर तस्वीर
शराब घोटाले में फर्जी बैंक गारंटी का यह मामला झारखंड में सरकारी निविदाओं से जुड़े भ्रष्टाचार की गंभीर तस्वीर पेश करता है. एसीबी की कार्रवाई से साफ है कि जांच एजेंसी अब सिर्फ फाइलों तक सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि पूरे नेटवर्क को उजागर करने की दिशा में आगे बढ़ रही है. आने वाले समय में इस केस से कई और बड़े नाम सामने आ सकते हैं, जिससे घोटाले की गहराई और व्यापकता और स्पष्ट होगी.