Dhanbad Crime News: निरसा में बुधवार शाम की शांति अचानक गोलियों की आवाज से टूट गई. निरसा थाना क्षेत्र में बुधवार शाम उस वक्त हड़कंप मच गया, जब देवियाना मोड़ स्थित एक पेट्रोल पंप के पीछे गोली चलने की घटना सामने आई. इस फायरिंग में पंप संचालक व चर्चित कारोबारी पारस सिंह के पुत्र राणा सौरभ सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए. गोली उनके कंधे में लगी है.
घटना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने एक खोखा, चार बीयर की बोतल, तीन केन बीयर और चिखना बरामद किया है. इन सामानों की बरामदगी के बाद मामले को लेकर कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं.
बुधवार को सौरभ सिंह अपने दोस्तों के साथ पहुंचा था पंप
जानकारी के अनुसार, बुधवार की शाम सौरभ सिंह अपने एक दोस्त के साथ पेट्रोल पंप आया था. इसके बाद दोनों पेट्रोल पंप के पीछे स्थित खाली स्थान की ओर गया. कुछ ही देर बाद अचानक गोली चलने की आवाज सुनाई दी. आवाज सुनते ही पेट्रोल पंप के कर्मचारी पीछे की ओर दौड़े, जहां सौरभ सिंह खून से लथपथ हालत में पड़ा मिला.
बेहतर इलाज के लिए दुर्गापुर रेफर
घायल सौरभ सिंह को तत्काल धनबाद के एक निजी अस्पताल ले जाया गया. वहां प्राथमिक इलाज के बाद हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने उन्हें बेहतर इलाज के लिए दुर्गापुर रेफर कर दिया. पुलिस की शुरुआती जांच में यह आशंका जताई जा रही है कि घटना के समय सौरभ सिंह अपने दोस्त के साथ वहां मौजूद थे और किसी गतिविधि के दौरान गोली चल गई. पुलिस यह स्पष्ट करने में जुटी है कि गोली गलती से चली, किसी आपसी हरकत में चली या फिर इसके पीछे कोई और वजह है.
स्थानीय लोगों का भी मानना है कि मौके से मिली शराब की बोतलें और अन्य सामग्री यह संकेत देती हैं कि घटना से पहले वहां पार्टी जैसी स्थिति थी. हालांकि गोली किस हथियार से चली और हथियार किसका था, इस पर अभी स्थिति साफ नहीं हो सकी है.
निरसा थाना प्रभारी अनिल कुमार शर्मा ने बताया कि घटनास्थल से खोखा समेत अन्य सामग्री बरामद की गई है. पुलिस हर एंगल से जांच कर रही है. फिलहाल इस मामले में किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है और घायल के बयान के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी.
शराब और अन्य सामान मामले को संदिग्ध बनाते हैं
दिनदहाड़े पेट्रोल पंप के पीछे गोली चलने की घटना ने इलाके की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं. मौके से मिली शराब और अन्य सामान मामले को संदिग्ध बनाते हैं, लेकिन बिना घायल के बयान के किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी. पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह है कि यह घटना लापरवाही का नतीजा थी या इसके पीछे कोई गंभीर वजह छिपी है. जांच पूरी होने के बाद ही सच्चाई सामने आ सकेगी.