मुंबई, 19 दिसंबर 2025: टाटा स्टील को इंडिया वर्कप्लेस इक्वैलिटी इंडेक्स (IWEI) 2025 में लगातार पाँचवें वर्ष ‘गोल्ड एम्प्लॉयर’ के रूप में सम्मानित किया गया है। यह प्रतिष्ठित मान्यता एलजीबीटी+ समावेशन के प्रति कंपनी की अटूट प्रतिबद्धता को रेखांकित करती है और सभी के लिए समान, न्यायसंगत एवं समावेशी कार्यस्थल बनाने की उसकी व्यापक सोच को सशक्त रूप से प्रतिबिंबित करती है।
IWEI समिट एवं अवॉर्ड्स के छठे संस्करण में 100 से अधिक संगठनों की सहभागिता के बीच, टाटा स्टील को प्राप्त यह सम्मान कंपनी द्वारा अपनी नीतियों, टैलेंट मैनेजमेंट सिस्टम्स, नेतृत्व प्रक्रियाओं तथा आंतरिक और बाह्य सहभागिता में विविधता एवं समावेशन को निरंतर सुदृढ़ करने के प्रयासों का प्रमाण है।
इस अवसर पर टाटा स्टील ग्रुप की चीफ पीपल ऑफिसर, अत्रयी सान्याल ने कहा,
“यह मान्यता टाटा स्टील को भारत के सबसे प्रगतिशील नियोक्ताओं में से एक के रूप में स्थापित करती है—एक ऐसा संगठन जो केवल नीतिगत अनुपालन तक सीमित न रहते हुए सहानुभूति, समानता और सशक्तिकरण को अपनी कार्यसंस्कृति के केंद्र में रखता है। हमारा दृढ़ विश्वास है कि विविध कार्यबल नवाचार को गति देने वाली एक मजबूत रणनीतिक शक्ति है, और हम यह सुनिश्चित करने के लिए निरंतर प्रतिबद्ध हैं कि प्रत्येक कर्मचारी स्वयं को सम्मानित, सुना गया और मूल्यवान महसूस करे।”
समावेशन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को और मजबूत करते हुए, टाटा स्टील ने कई ऐतिहासिक पहलें की हैं। इनमें नोआमुंडी में खनन परिचालन के तहत दुनिया की पहली ऑल-वूमेन शिफ्ट की शुरुआत, जमशेदपुर में भारतीय इस्पात उद्योग का पहला पूर्ण महिला अग्निशमन दल, तथा कलिंगानगर में सभी तीन शिफ्टों में महिला कर्मचारियों की तैनाती शामिल है।
कंपनी ने समान देखभाल की भावना को प्रोत्साहित करने और कर्मचारियों को बेहतर सहयोग प्रदान करने के उद्देश्य से अपनी पैरेंटल बेनिफिट पॉलिसी को और सशक्त बनाया है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि देखभाल से जुड़ी जिम्मेदारियों को साझा किया जाए और कर्मचारी कल्याण को संगठन की प्राथमिकता बनाया जाए। इसके साथ ही, टाटा स्टील की जेंडर रीअसाइनमेंट पॉलिसी कर्मचारियों को उनकी लैंगिक पहचान से जुड़े मामलों में संवेदनशील, सम्मानजनक और गोपनीय सहयोग प्रदान करती है।
टाटा स्टील की विविधता, समानता और समावेशन (DE&I) यात्रा की शुरुआत वर्ष 2015 में ‘मोज़ेक’ पहल के माध्यम से हुई थी। इस पहल के अंतर्गत पाँच प्रमुख स्तंभों—संवेदनशीलता, बुनियादी अवसंरचना, नियुक्ति, प्रतिधारण एवं विकास, और सम्मान—के माध्यम से महिलाओं, LGBTQIA+ समुदाय, सकारात्मक कार्रवाई समूहों और दिव्यांगजनों के समावेशन को निरंतर आगे बढ़ाया गया है।
इंडिया वर्कप्लेस इक्वैलिटी इंडेक्स देश का पहला व्यापक बेंचमार्किंग टूल है, जिसे संगठनों द्वारा एलजीबीटी+ समावेशन के क्षेत्र में की गई प्रगति के आकलन के लिए विकसित किया गया है। यह नीतियों और लाभों, कर्मचारी जीवनचक्र, नेतृत्व की प्रतिबद्धता तथा सामुदायिक सहभागिता सहित नौ प्रमुख मापदंडों पर संगठनों का मूल्यांकन करता है।