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  • 2025-12-28

Congress 141th Anniversary: कांग्रेस का 141वां स्थापना दिवस आज, अध्यक्ष खड़गे ने किया ध्वजारोहण

New Delhi: कांग्रेस पार्टी रविवार को अपना 141वां स्थापना दिवस मना रही है. 28 दिसंबर 1885 को बॉम्बे में स्थापित यह संगठन देश की आजादी के बाद राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता रहा है. इस खास दिन पर पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, कांग्रेस सांसद रणदीप सिंह सुरजेवाला, छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, राजस्थान के पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट समेत कई वरिष्ठ नेताओं ने शुभकामनाएं दीं. कांग्रेस का यह स्थापना दिवस पार्टी के गौरवशाली इतिहास और लोकतंत्र में उनके योगदान को याद करने का अवसर है. 
कांग्रेस के तीन जरूरी दौर

मॉडरेट पॉलिटिक्स - कांग्रेस के शुरुआती दौर में यानी 1885 से 1905 के बीच मॉडरेट सोच हावी थी. दादाभाई नौरोजी, गोपाल कृष्ण गोखले, बदरुद्दीन तैयबजी और फिरोजशाह मेहता जैसे नेताओं ने संवैधानिक तरीके अपनाए, पिटीशन, अपील और बातचीत के जरिए सुधार लाने की कोशिश की. शिक्षा और प्रशासन में भारतीयों की बढ़ती भागीदारी और आर्थिक शोषण के खिलाफ आवाज उठाना इस दौर की खासियत थी. हालांकि, यह रवैया कई युवा नेताओं को मंजूर नहीं था.

उग्र विचारधारा का उदय - 1905 के बाद कांग्रेस में उग्र विचारधारा का असर बढ़ने लगा. बंगाल के बंटवारे के खिलाफ आंदोलन ने इस दौर को बढ़ावा दिया. महाराष्ट्र से लाला लाजपत राय, बिपिन चंद्र पाल और लोकमान्य तिलक जैसे नेताओं ने खुलकर स्वराज (सेल्फ-रूल) की मांग की. इस दौरान राष्ट्रीय आंदोलन ज़्यादा आक्रामक और लोगों पर केंद्रित हो गया.

1920 में महात्मा गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस पूरी तरह से एक जन आंदोलन में बदल गई. 1920 में असहयोग आंदोलन, 1930 में सविनय अवज्ञा आंदोलन और 1942 के भारत छोड़ो आंदोलन के ज़रिए, कांग्रेस ने ब्रिटिश सत्ता की जड़ों पर हमला किया. 1929 में लाहौर अधिवेशन में कांग्रेस ने पहली बार आधिकारिक तौर पर पूरी आजादी की मांग की.

आखिरकार 15 अगस्त 1947 को भारत आजाद हो गया. कांग्रेस ने आजादी की लड़ाई को कामयाबी से पूरा किया. आजादी के बाद भी कांग्रेस ने लंबे समय तक देश को लीड किया. प्रोफेसर डॉ वैभव मस्के ने कहा कि मॉडर्न इंडिया की नींव पंडित जवाहरलाल नेहरू, इंदिरा गांधी और राजीव गांधी की लीडरशिप में रखी गई थी.

इसी दौरान प्लानिंग कमीशन, पब्लिक सेक्टर, साइंटिफिक तरक्की, एजुकेशन और डेमोक्रेटिक वैल्यूज का बनना हुआ. उन्होंने आगे कहा कि भले ही अभी कांग्रेस पार्टी पॉलिटिकल चुनौतियों का सामना कर रही है, लेकिन वह देश की पॉलिटिक्स में एक जरूरी और एक्टिव ताकत बनी हुई है.
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