Railway Updates: जसीडीह-झाझा रेल सेक्शन में लाहाबन और सिमुलतला के बीच रेल पटरी पर आए अवरोध का असर लगातार दूसरे दिन भी देखने को मिल रहा है. करीब 40 घंटे बीत जाने के बाद भी इस रूट पर ट्रेनों का संचालन पूरी तरह सामान्य नहीं हो सका है, जिससे यात्रियों की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं.
लंबी दूरी की ट्रेनों पर असर
रेलवे प्रशासन को हालात देखते हुए कई लंबी दूरी की ट्रेनों को रिशेड्युल करना पड़ा है. वहीं कुछ एक्सप्रेस ट्रेनों को रद्द कर दिया गया है. इससे खासकर दूरदराज की यात्रा करने वाले यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.
मेमू ट्रेनों की दूरी घटाई गई
इस सेक्शन में चलने वाली मेमू ट्रेनों के परिचालन में भी कटौती की गई है. कई मेमू ट्रेनों को बीच रास्ते से ही समाप्त किया जा रहा है. इसका सबसे ज्यादा असर रोजाना अप डाउन करने वाले यात्रियों और नौकरीपेशा लोगों पर पड़ा है.
स्टेशन पर भटके यात्री
सोमवार को सूचना के अभाव में बड़ी संख्या में यात्री घंटों स्टेशन के प्लेटफॉर्म पर भटकते नजर आए. कई यात्रियों को ट्रेन रद्द या देरी की जानकारी समय पर नहीं मिल सकी, जिससे नाराजगी और अफरा तफरी की स्थिति बनी रही. रेलवे की तकनीकी टीम मौके पर पटरी से अवरोध हटाने और ट्रैक को दुरुस्त करने में लगातार लगी हुई है. हालांकि अब तक परिचालन को पूरी तरह बहाल नहीं किया जा सका है, जिससे यात्रियों का धैर्य जवाब देने लगा है.
यात्रियों में बढ़ता आक्रोश
लंबे समय तक व्यवस्था सामान्य नहीं होने और पर्याप्त सूचना नहीं मिलने से यात्रियों में रेलवे प्रशासन के प्रति गहरा आक्रोश देखा जा रहा है. लोग जल्द से जल्द ट्रेनों के नियमित परिचालन की मांग कर रहे हैं.
समयबद्ध मरम्मत और यात्रियों को स्पष्ट जानकारी देना बेहद जरूरी
जसीडीह-झाझा रेल खंड पूर्वी भारत के महत्वपूर्ण रेल मार्गों में शामिल है. ऐसे में लंबे समय तक ट्रेनों का अस्त-व्यस्त रहना न केवल यात्रियों की परेशानी बढ़ाता है, बल्कि रेलवे की सूचना और आपदा प्रबंधन प्रणाली पर भी सवाल खड़े करता है. समयबद्ध मरम्मत और यात्रियों को स्पष्ट जानकारी देना ऐसी स्थितियों में बेहद जरूरी होता है.