प्रमुख स्थलों पर पैर रखने की जगह नही
दशाश्वमेध घाट, अस्सी घाट और नमो घाट पर सुबह से ही भक्तों का तांता लगा हुआ है। न केवल मंदिर और घाट, बल्कि सारनाथ और शहर के प्रमुख सांस्कृतिक केंद्रों पर भी पर्यटकों की भारी आवाजाही है। काशी की प्रसिद्ध गलियों में स्थित खान-पान की दुकानों पर भी जबरदस्त रौनक है। भीड़ का आलम यह है कि शहर के लगभग सभी होटल, गेस्ट हाउस और होम-स्टे पहले से ही फुल हो चुके हैं।
बड़ी गाड़ियों की एंट्री पर रोक
भीड़ को नियंत्रित करने और सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद रखने के लिए प्रशासन ने कड़े कदम उठाए हैं, शहर के व्यस्त इलाकों और मंदिर जाने वाले रास्तों पर बड़ी गाड़ियों के प्रवेश पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया गया है। यातायात पुलिस ने गोदौलिया, मैदागिन और लंका जैसे क्षेत्रों में रूट डायवर्जन लागू किया है ताकि पैदल यात्रियों को असुविधा न हो।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम
घाटों पर जल पुलिस और मंदिर परिसर में अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है। बाबा के दरबार में हाजिरी की चाहत
श्रद्धालुओं का मानना है कि नए साल की शुरुआत बाबा विश्वनाथ के आशीर्वाद से करना मंगलकारी होता है। इसी आस्था के चलते लोग कड़कड़ाती ठंड के बावजूद भोर से ही कतारों में खड़े नजर आ रहे हैं। प्रशासन ने अपील की है कि लोग धैर्य बनाए रखें और सुरक्षा नियमों का पालन करें।