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  • 2026-01-03

Jharkhand News: विनय चौबे से जुड़े मामले में ACB ने चर्चित ज्योतिष एनके बेरा से की पूछताछ

Jharkhand News: निलंबित IAS अधिकारी विनय चौबे से जुड़े मामलों की जांच के क्रम में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने रांची के चर्चित ज्योतिष डॉक्टर एनके बेरा से पूछताछ की है. एसीबी ने उन्हें हाल के दिनों में कार्यालय बुलाकर लालपुर स्थित मुकुंद अपार्टमेंट के एक फ्लैट की खरीद बिक्री से जुड़े तथ्यों को लेकर जानकारी ली.

विनय चौबे से जुड़े लोगों के वित्तीय लेनदेन की पड़ताल
एसीबी की जांच में सामने आया है कि विनय चौबे और उनसे जुड़े लोगों के वित्तीय लेनदेन की पड़ताल के दौरान प्रियंका त्रिवेदी के नाम पर मुकुंद अपार्टमेंट में फ्लैट खरीदे जाने का तथ्य उजागर हुआ. प्रियंका त्रिवेदी आईएएस अधिकारी विनय चौबे के साले की पत्नी हैं. इसी कड़ी में चौबे के ससुराल पक्ष से जुड़े लोगों की भूमिका भी जांच के दायरे में आई है.

लालपुर स्थित फ्लैट का मूल स्वामित्व नंद किशोर बेरा के नाम
जांच में यह स्पष्ट हुआ कि लालपुर स्थित जिस फ्लैट को खरीदा गया, वह प्रियंका त्रिवेदी ने सरदार सुरेंद्र सिंह से लिया था. संबंधित फ्लैट नंबर 1A का मूल स्वामित्व डॉक्टर नंद किशोर बेरा के नाम दर्ज था. वर्ष 2012 में नंद किशोर बेरा ने फ्लैट की बिक्री के लिए सरदार सुरेंद्र सिंह को पावर ऑफ अटॉर्नी दी थी. इसके बाद वर्ष 2017 में सरदार सुरेंद्र सिंह ने यह फ्लैट प्रियंका त्रिवेदी को 43 लाख रुपये में बेचा.

नंद किशोर बेरा ही रांची के चर्चित ज्योतिष डॉक्टर एनके बेरा
आगे की जांच में यह बात सामने आई कि नंद किशोर बेरा ही रांची के चर्चित ज्योतिष डॉक्टर एनके बेरा हैं. इसी आधार पर एसीबी ने एनके बेरा को पूछताछ के लिए बुलाया. एसीबी का मानना है कि अब तक जांच में सामने आए तथ्यों को देखते हुए विनय चौबे से जुड़े लोगों द्वारा किए गए प्रत्येक वित्तीय लेनदेन की बारीकी से जांच जरूरी है. इसी वजह से मुकुंद अपार्टमेंट स्थित फ्लैट की बिक्री से जुड़े लेनदेन को लेकर एनके बेरा से सवाल किए गए.

संपत्ति से जुड़े पुराने सौदों को भी नए सिरे से खंगाला जा रहा
यह मामला केवल एक फ्लैट की खरीद बिक्री तक सीमित नहीं दिखता, बल्कि निलंबित आईएएस अधिकारी से जुड़े व्यापक वित्तीय नेटवर्क की ओर इशारा करता है. एसीबी की जांच यह संकेत देती है कि संपत्ति से जुड़े पुराने सौदों को भी नए सिरे से खंगाला जा रहा है. ऐसे में आने वाले समय में जांच का दायरा और बढ़ सकता है और और भी नाम सामने आने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता.
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