Aaj Ka Panchang: अधिक मास के शुक्ल पक्ष में आने के कारण पद्मिनी एकादशी को विशेष धार्मिक महत्व प्राप्त है। इसे अधिक मास एकादशी भी कहा जाता है। इस व्रत की खास बात यह है कि इसका कोई निश्चित चंद्र मास नहीं होता, बल्कि जब-जब हिंदू पंचांग में अधिक मास आता है, तभी यह पावन एकादशी पड़ती है। मान्यता है कि इस दिन भगवान विष्णु की विधिपूर्वक पूजा और उपवास करने से जीवन में सुख-समृद्धि और पुण्य की प्राप्ति होती है।
आज का पंचांग और शुभ योग
संवत 2083 के अनुसार आज ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि सुबह 6 बजकर 21 मिनट तक रही, इसके बाद द्वादशी प्रारंभ हो गई। व्यतीपात योग अगले दिन 28 मई को प्रातः 3 बजकर 25 मिनट तक रहेगा, फिर वरीयान योग लगेगा। करण में विष्टि (भद्रा) सुबह 6 बजकर 21 मिनट तक रही, इसके बाद बव करण शाम 7 बजकर 6 मिनट तक रहेगा। बुधवार के दिन सूर्योदय सुबह 5:25 बजे और सूर्यास्त शाम 7:12 बजे होगा। अमृत काल देर रात 1:09 बजे से 2:54 बजे तक रहेगा।
हस्त और चित्रा नक्षत्र का प्रभाव
आज प्रातः 5:56 बजे तक हस्त नक्षत्र रहेगा, जिसके स्वामी चंद्रदेव हैं और देवता सविता माने जाते हैं। यह नक्षत्र साहस, मेहनत, बुद्धिमत्ता और कर्मठता का प्रतीक माना जाता है। इसके बाद चित्रा नक्षत्र प्रारंभ होगा, जिसके स्वामी मंगलदेव और देवता त्वष्टा हैं। चित्रा नक्षत्र में जन्मे लोग रचनात्मक, आकर्षक व्यक्तित्व वाले, कलाप्रेमी और मजबूत इच्छाशक्ति के धनी माने जाते हैं।
एकादशी तिथि और व्रत पारण समय
एकादशी तिथि का प्रारंभ 26 मई को सुबह 5:10 बजे हुआ था और इसका समापन 27 मई को सुबह 6:21 बजे हुआ। व्रत रखने वाले श्रद्धालु 28 मई को सुबह 5:25 बजे से 7:56 बजे तक पारण कर सकते हैं। धार्मिक मान्यता के अनुसार सही समय पर पारण करने से व्रत का पूर्ण फल प्राप्त होता है और भगवान विष्णु की विशेष कृपा बनी रहती है।