Aaj Ka Panchang: आज बुधवार को ज्येष्ठ मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि है, जिसे अपरा एकादशी के रूप में मनाया जा रहा है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन भगवान विष्णु की पूजा-अर्चना करने से सुख, समृद्धि और मोक्ष की प्राप्ति होती है। आज सूर्यदेव अपनी उच्च राशि मेष में विराजमान हैं, जबकि चंद्रमा मीन राशि में गोचर कर रहे हैं। साथ ही विष्कुम्भ योग और उत्तराभाद्रपद नक्षत्र का शुभ संयोग भी बन रहा है।
एकादशी तिथि दोपहर तक, फिर द्वादशी का आरंभ
वैदिक पंचांग के अनुसार कृष्ण एकादशी तिथि दोपहर 01 बजकर 29 मिनट तक रहेगी, इसके बाद द्वादशी तिथि शुरू होगी। विष्कुम्भ योग रात्रि 08 बजकर 55 मिनट तक रहेगा, फिर प्रीति योग का आरंभ होगा। बालव करण दोपहर 01 बजकर 29 मिनट तक और कौलव करण 14 मई की रात्रि 12 बजकर 30 मिनट तक प्रभावी रहेगा। आज सूर्योदय प्रातः 05:32 बजे और सूर्यास्त सायं 07:04 बजे होगा।
शुभ-अशुभ मुहूर्त, अमृत काल में करें पूजा-पाठ
आज अभिजीत मुहूर्त नहीं है, लेकिन अमृत काल सायं 07 बजकर 41 मिनट से रात्रि 09 बजकर 13 मिनट तक रहेगा, जिसे पूजा-पाठ और शुभ कार्यों के लिए उत्तम माना गया है। वहीं राहुकाल दोपहर 12:18 बजे से 01:59 बजे तक रहेगा। इसके अलावा गुलिकाल प्रातः 10:36 बजे से 12:18 बजे तक और यमगण्ड सुबह 07:13 बजे से 08:55 बजे तक रहेगा।
उत्तराभाद्रपद नक्षत्र का प्रभाव, जानें इसकी खास बातें
आज पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र रात्रि 01:17 बजे तक रहेगा, इसके बाद उत्तराभाद्रपद नक्षत्र का आरंभ होगा। इस नक्षत्र के स्वामी बृहस्पति देव माने जाते हैं। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार इस नक्षत्र में जन्मे लोग ईमानदार, बुद्धिमान, कला और संगीत प्रेमी होते हैं। हालांकि इनमें संवेदनशीलता, क्रोध और अनिश्चितता जैसी प्रवृत्तियां भी देखने को मिलती हैं। इस नक्षत्र की देवता “अज एकपाद” हैं, जो भगवान रुद्र का अग्नि स्वरूप माने जाते हैं।