Aaj Ka Panchang: आज बुधवार है और भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की पंचमी तिथि है. पंचमी तिथि सुबह 6:12 बजे तक रहेगी, इसके बाद षष्ठी शुरू होगी. आज हलषष्ठी का पर्व मनाया जा रहा है. चंद्रमा मेष राशि और सूर्य सिंह राशि में रहेंगे. भरणी नक्षत्र का प्रभाव रहेगा.
आज पंचमी के बाद शुरू होगी षष्ठी
आज भाद्रपद कृष्ण पक्ष की पंचमी तिथि सुबह 6:12 बजे तक रहेगी. इसके बाद षष्ठी तिथि शुरू हो जाएगी, जो 3 सितंबर की सुबह 4:25 बजे तक रहेगी. आज विक्रम संवत 2083 चल रहा है. बुधवार के दिन हलषष्ठी का पर्व भी मनाया जा रहा है.
सूर्य और चंद्रमा की स्थिति
आज सूर्य सिंह राशि में स्थित रहेंगे, जबकि चंद्रमा मेष राशि में गोचर करेंगे. सूर्योदय सुबह 5:59 बजे और सूर्यास्त शाम 6:42 बजे होगा. वहीं चंद्रोदय रात 9:45 बजे होगा. चंद्रास्त 3 सितंबर को सुबह 10:50 बजे होगा.
भरणी नक्षत्र का प्रभाव
आज चंद्रमा भरणी नक्षत्र में रहेंगे. यह नक्षत्र 3 सितंबर की रात 1:43 बजे तक रहेगा, जिसके बाद कृत्तिका नक्षत्र शुरू होगा. भरणी नक्षत्र का विस्तार मेष राशि के 13°20’ से 26°40’ तक माना जाता है. इसके स्वामी शुक्र और राशि स्वामी मंगल हैं.
भरणी नक्षत्र की विशेषताएं
ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार भरणी नक्षत्र को जिम्मेदारी, अनुशासन और दृढ़ता से जोड़ा जाता है. इस नक्षत्र से जुड़े सामान्य गुणों में मेहनत, सिद्धांतों पर कायम रहना, जिम्मेदारी निभाना और परिस्थितियों पर नियंत्रण रखने की प्रवृत्ति शामिल मानी जाती है.
आज का शुभ मुहूर्त
आज अभिजीत मुहूर्त उपलब्ध नहीं है. हालांकि रात में अमृत काल रहेगा. अमृत काल: रात 9:06 बजे से 10:38 बजे तक.
जरूरी शुभ कार्यों के लिए मुहूर्त का चयन करते समय स्थानीय पंचांग और व्यक्तिगत परिस्थितियों को भी ध्यान में रखना उचित माना जाता है.
आज का राहुकाल
बुधवार को राहुकाल दोपहर 12:21 बजे से 1:56 बजे तक रहेगा. इसके अलावा गुलिक काल सुबह 10:45 बजे से दोपहर 12:21 बजे तक और यमगण्ड सुबह 7:35 बजे से 9:10 बजे तक रहेगा. परंपरागत पंचांग के अनुसार इन अवधियों में शुभ कार्यों से बचने की सलाह दी जाती है.
आज की शुरुआत पंचमी तिथि के साथ होगी और सुबह के बाद षष्ठी तिथि लग जाएगी. सूर्य सिंह और चंद्रमा मेष राशि में रहेंगे. दिन के शुभ-अशुभ समय को ध्यान में रखकर जरूरी कार्यों की योजना बनाई जा सकती है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार हलषष्ठी के अवसर पर व्रत और पूजा का विशेष महत्व माना जाता है.