Bihar: राष्ट्रीय जनता दल के नेता और महागठबंधन के मुख्यमंत्री पद के दावेदार तेजस्वी यादव ने बिहार विधानसभा चुनावों के बीच एक बड़ा और सनसनीखेज बयान दिया है। उन्होंने सार्वजनिक रूप से 18 नवंबर को मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने का दावा किया है। इस घोषणा ने राज्य के राजनीतिक गलियारों में अचानक से हलचल मचा दी है।
जीत का दावा और विरोधियों पर निशाना
मीडिया से बात करते हुए, तेजस्वी यादव ने अपनी पार्टी और गठबंधन की जीत का पूरा भरोसा जताया। उन्होंने कहा कि महागठबंधन की सरकार बनना तय है और वह जल्द ही बिहार के मुख्यमंत्री बनेंगे। उन्होंने अपनी जीत के दावे के साथ-साथ एनडीए और अन्य विपक्षी दलों पर तीखा हमला भी किया।
यादव ने एनडीए पर चुनाव जीतने के लिए अनैतिक हथकंडे अपनाने और चुनाव आयोग तथा
यादव ने एनडीए पर चुनाव जीतने के लिए अनैतिक हथकंडे अपनाने और चुनाव आयोग तथा केंद्रीय पुलिस बल का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया। उन्होंने यह भी दावा किया कि उनकी सरकार बनने पर महिलाओं के लिए कई कल्याणकारी योजनाएं शुरू की जाएंगी और किसानों को भी लाभ मिलेगा।
नतीजों से पहले शपथ की तारीख
चुनाव नतीजे आने से पहले ही शपथ ग्रहण की तारीख बता देना, बिहार की राजनीति में एक असामान्य घटना है। यह तेजस्वी यादव के अत्यधिक आत्मविश्वास को दर्शाता है। जहां एक ओर राजद और महागठबंधन खेमे में उत्साह है, वहीं एनडीए ने इस दावे को हास्यास्पद करार दिया है। राजनीतिक विश्लेषकों की नजरें अब आगामी चुनाव नतीजों पर टिकी हैं, जो यह तय करेंगे कि तेजस्वी यादव का यह दावा सिर्फ एक चुनावी बयान था या बिहार की राजनीति में एक नई तारीख का ऐलान।