Budget 2026 Highlights: देश की आर्थिक दिशा तय करने वाला बजट 2026 अब सामने आ चुका है. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इस बार विकास, उद्योग और बुनियादी ढांचे पर विशेष जोर दिया है. कई नए मिशन, सेक्टर आधारित योजनाएं और बड़े निवेश प्रस्ताव इस बजट को आने वाले वर्षों की रूपरेखा बताने वाला दस्तावेज बना रहे हैं.
कैपेक्स और उद्योग पर फोकस
वित्त वर्ष 2027 के लिए कैपेक्स बढ़ाकर 12.2 लाख करोड़ रुपये करने का एलान किया गया है. इसके साथ टेक्सटाइल सेक्टर के लिए एक इंटीग्रेटेड प्रोग्राम शुरू किया जाएगा. बजट भाषण के दौरान सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 लॉन्च करने की भी घोषणा की गई.
रेल, जल और शहरी ढांचा
देश में 7 हाई स्पीड रेल कॉरिडोर बनाने की योजना रखी गई है. इसके साथ 20 नए जल मार्ग विकसित किए जाएंगे. शहरी आर्थिक क्षेत्रों के विकास के लिए हर साल 5 हजार करोड़ रुपये खर्च करने का प्रावधान किया गया है.
उद्योग और एमएसएमई को सहारा
बायो फार्मा सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए 10 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है. एसएमई सेक्टर के लिए भी 10 हजार करोड़ रुपये रखे गए हैं. इसके अलावा 3 केमिकल पार्क और बड़े टेक्सटाइल पार्क स्थापित किए जाएंगे.
दवाएं सस्ती, रोजगार को बढ़ावा
शुगर और कैंसर से जुड़ी दवाओं को सस्ता करने की घोषणा की गई है. इसके साथ महात्मा गांधी स्वरोजगार योजना का भी एलान किया गया है, जिससे रोजगार के नए अवसर पैदा करने का लक्ष्य रखा गया है.
खनिज और सेमीकंडक्टर में बड़ा कदम
आईएसएम 2.0 की शुरुआत के साथ देश में सेमीकंडक्टर उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा. इसके साथ 4 राज्यों में खनिज कॉरिडोर बनाने का प्रस्ताव रखा गया है. दुर्लभ पृथ्वी खनिजों के लिए तमिलनाडु, केरल और आंध्र प्रदेश में विशेष कॉरिडोर की योजना भी सामने आई है.
विकसित भारत की ओर संदेश
वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार की नीतियां दीर्घकालिक विकास, आर्थिक स्थिरता और समावेशी प्रगति पर केंद्रित हैं. लक्ष्य है कि भारत 2047 तक विकसित राष्ट्र बने और वैश्विक मंच पर मजबूत स्थिति हासिल करे.
बजट 2026 साफ संकेत देता है कि सरकार बुनियादी ढांचे, उद्योग और तकनीक को विकास की धुरी मान रही है. कैपेक्स बढ़ोतरी, सेमीकंडक्टर मिशन और खनिज कॉरिडोर जैसे फैसले लंबे समय में अर्थव्यवस्था को नई गति दे सकते हैं.