Chaibasa: चाईबासा के घने सारंडा जंगल से एक चिंताजनक घटना सामने आई है, जहां नक्सलियों द्वारा बिछाए गए आईईडी विस्फोट की चपेट में आने से एक जंगली दंतैल हाथी गंभीर रूप से घायल हो गया। यह घटना सारंडा वन प्रमंडल के कोयना वन क्षेत्र के कोलभोंगा के पास स्थित जंगल में हुई, जहां सुरक्षा बलों को निशाना बनाने के उद्देश्य से जमीन के नीचे विस्फोटक लगाया गया था, लेकिन दुर्भाग्यवश उसकी चपेट में यह बेकसूर वन्यजीव आ गया।
दाहिना पैर बुरी तरह जख्मी, चलने-फिरने में असमर्थ
विस्फोट के कारण हाथी के आगे के दाहिने पैर में गहरा और गंभीर घाव हो गया है। चोट इतनी ज्यादा है कि हाथी ठीक से खड़ा या चल भी नहीं पा रहा है। दर्द और कमजोरी के कारण वह वहीं जंगली इलाके में असहाय अवस्था में पड़ा हुआ है, जिससे उसकी हालत और भी चिंताजनक बनी हुई है।
ग्रामीणों की सूचना पर हरकत में आया वन विभाग
घटना की जानकारी स्थानीय ग्रामीणों ने वन विभाग को दी, जिसके बाद विभाग की टीम तुरंत सक्रिय हो गई और मौके के लिए रवाना हुई। वन विभाग द्वारा हाथी को सुरक्षित निकालने और उसका इलाज शुरू करने की तैयारी की जा रही है, ताकि उसकी जान बचाई जा सके और उसे जल्द राहत मिल सके।
इलाके में और आईईडी होने की आशंका, बढ़ाई गई सतर्कता
जिस स्थान पर हाथी घायल हुआ है, उसके आसपास के क्षेत्र में और भी आईईडी होने की आशंका जताई जा रही है। इसी को ध्यान में रखते हुए रेस्क्यू टीम और वनकर्मी पूरी सावधानी के साथ आगे बढ़ रहे हैं, ताकि किसी और हादसे से बचा जा सके।
नक्सल प्रभावित क्षेत्र में पहले भी हो चुके हैं ऐसे हादसे
सारंडा इलाका नक्सल प्रभावित माना जाता है, जहां सुरक्षा बलों की गतिविधियों को रोकने के लिए अक्सर आईईडी लगाए जाते हैं। पहले भी कई बार ऐसे विस्फोटों में वन्यजीवों और ग्रामीणों को नुकसान उठाना पड़ा है। इस घटना ने एक बार फिर इस समस्या की गंभीरता को उजागर कर दिया है।