Current News : भारत मंडपम में आयोजित भारत टेक्स 2026 में झारखंड के हस्तशिल्प और हस्तकरघा उत्पादों को नई पहचान मिली है। मेले में झारखंड के बांस शिल्प, सिल्क और जीआई टैग उत्पादों को देश-विदेश के खरीदारों ने सराहा, जिससे स्थानीय कारीगरों के लिए निर्यात के नए अवसर खुलने की उम्मीद बढ़ी है।
झारखंड के बांस से बने सजावटी सामान, फर्नीचर, बोतल, मग और अन्य हस्तनिर्मित उत्पादों ने विशेष रूप से लोगों का ध्यान आकर्षित किया। इन उत्पादों को आधुनिक तकनीकों जैसे लेजर कटिंग, लेजर एनग्रेविंग और सीएनसी राउटिंग की मदद से अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप तैयार किया गया है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंच बनाने का मिला मंच
भारत टेक्स 2026 में झारखंड के कारीगरों को अपने उत्पाद वैश्विक खरीदारों के सामने प्रदर्शित करने का अवसर मिला। इससे राज्य के हस्तशिल्प और हस्तकरघा उत्पादों के निर्यात की संभावनाओं को नई गति मिलने की उम्मीद है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के अंतरराष्ट्रीय आयोजन एमएसएमई और स्थानीय उद्यमियों को वैश्विक बाजार से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
भारत टेक्स 2026 में 130 देशों के प्रतिभागियों और बड़ी संख्या में अंतरराष्ट्रीय खरीदारों की मौजूदगी ने झारखंडी उत्पादों को वैश्विक पहचान दिलाने का अवसर प्रदान किया। इससे राज्य के शिल्पकारों और उद्यमियों के लिए नए व्यावसायिक संपर्क और बाजार विकसित होने की संभावना है।