Current News : राज्यसभा में एक बार फिर अनुभवी और शांत स्वभाव के नेता हरिवंश नारायण सिंह को उपसभापति पद की जिम्मेदारी सौंपी गई है। शुक्रवार को हुए चुनाव में उनका निर्विरोध चयन हुआ, जो उनके लंबे संसदीय अनुभव और सर्वस्वीकार्य छवि को दर्शाता है। लगातार तीसरी बार इस पद पर चुने जाना अपने आप में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।हरिवंश के नामांकन के मुकाबले कोई अन्य उम्मीदवार मैदान में नहीं उतरा, जिससे उनका निर्विरोध चुना जाना तय हो गया। संसद के भीतर विभिन्न दलों के बीच उनके प्रति विश्वास और सम्मान को इस परिणाम से साफ तौर पर समझा जा सकता है।
विपक्ष ने नहीं उतारा प्रत्याशी, सर्वसम्मति से बना माहौल
हरिवंश नारायण सिंह इससे पहले भी दो बार राज्यसभा के उपसभापति रह चुके हैं और उन्होंने अपने कार्यकाल में सदन का संचालन निष्पक्ष और संतुलित तरीके से किया है। उनकी कार्यशैली को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों ही सकारात्मक रुख रखते रहे हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दी बधाई
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित कई वरिष्ठ नेताओं ने उन्हें इस उपलब्धि पर बधाई दी और उनके अनुभव की सराहना की। उन्होंने कहा कि हरिवंश जैसे अनुभवी नेता संसद की गरिमा बनाए रखने में अहम भूमिका निभाते हैं।
तीसरी बार जिम्मेदारी, अनुभव और संतुलित छवि पर फिर भरोसा
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि हरिवंश का लगातार तीसरी बार निर्विरोध चुना जाना इस बात का संकेत है कि वे सदन में संवाद और संतुलन बनाए रखने में सफल रहे हैं। आने वाले समय में भी उनसे इसी तरह की भूमिका निभाने की उम्मीद जताई जा रही है।