Dumka: दुमका जिले से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां क्रिकेट में करियर बनाने के सपने को हथियार बनाकर एक परिवार के साथ बड़ी ठगी की गई। अंडर-19 टीम में चयन और रणजी ट्रॉफी खेलने का सपना दिखाकर आरोपी ने एक शिक्षक से पूरे एक करोड़ रुपये ठग लिए। यह मामला न केवल आर्थिक धोखाधड़ी का है, बल्कि यह भी दिखाता है कि कैसे युवाओं के सपनों के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है।
किस्तों में वसूली गई भारी रकम
मामले की शुरुआत 12 अक्टूबर 2025 को हुई, जब दुमका नगर थाना में सरकारी विद्यालय के शिक्षक बुलबुल कुमार ने शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि बख्शी बांध निवासी किसलय पल्लव ने उनके बेटे आशुतोष आनंद को भारतीय अंडर-19 क्रिकेट टीम और रणजी ट्रॉफी में जगह दिलाने का भरोसा दिलाया। इस भरोसे के बदले आरोपी ने धीरे-धीरे किस्तों में कुल एक करोड़ रुपये वसूल लिए। इसमें 50 लाख रुपये नकद और बाकी 50 लाख रुपये ऑनलाइन ट्रांजेक्शन के जरिए लिए गए।
फर्जी दस्तावेज से किया भरोसा मजबूत
पैसे लेने के बाद आरोपी ने परिवार को भरोसा दिलाने के लिए एक कथित आधिकारिक पत्र भी दिया। यह पत्र क्रिकेट बोर्ड के ज्वाइंट डायरेक्टर के नाम से जारी बताया गया, जिसमें आशुतोष आनंद के अंडर-19 टीम में चयन का जिक्र था। हालांकि, जब परिवार को शक हुआ और उन्होंने इस पत्र की सच्चाई की जांच कराई, तो पूरा मामला सामने आ गया। जांच में यह पत्र पूरी तरह फर्जी निकला और खिलाड़ी का नाम किसी भी आधिकारिक सूची में नहीं पाया गया।
शिकायत के बाद शुरू हुई पुलिस जांच
सच्चाई सामने आने के बाद शिक्षक बुलबुल कुमार ने पुलिस में ठगी की शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने केस संख्या 185/25 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की और आरोपी की तलाश में जुट गई। करीब छह महीने तक चली जांच और छानबीन के बाद आखिरकार पुलिस ने आरोपी किसलय पल्लव को गिरफ्तार कर लिया।
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
इस पूरे घटनाक्रम के बीच पीड़ित परिवार पर एक और बड़ा दुख टूट पड़ा। शिकायतकर्ता बुलबुल कुमार की बीमारी के कारण मौत हो गई, जिससे परिवार पूरी तरह टूट गया। एक तरफ बेटे के सपनों के साथ ठगी हुई और दूसरी तरफ परिवार के मुखिया का निधन इस घटना ने परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है।
पुलिस का बयान और आगे की कार्रवाई
जिले के एसपी पीतांबर सिंह खेरवार ने जानकारी देते हुए बताया कि अंडर-19 टीम में चयन के नाम पर ठगी करने वाले आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। पुलिस अब इस मामले की गहराई से जांच कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस ठगी के पीछे कोई बड़ा नेटवर्क तो नहीं है और क्या अन्य लोग भी इस गिरोह का हिस्सा हैं।
सपनों के नाम पर ठगी से सावधान रहने की जरूरत
यह घटना एक बड़ा सबक भी देती है कि खेल या किसी भी क्षेत्र में चयन के नाम पर पैसे मांगने वाले लोगों से सावधान रहना बहुत।जरूरी है। असली चयन प्रक्रिया पारदर्शी होती है और किसी भी तरह की सिफारिश या पैसे के लेन-देन से नहीं होती। ऐसे में अभिभावकों और खिलाड़ियों को सतर्क रहना चाहिए, ताकि वे इस तरह के जाल में फंसने से बच सकें।