Garhwa: मेराल थाना क्षेत्र से बुधवार रात एक चौंकाने वाली घटना सामने आई, जिसने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया। 27 वर्षीय युवक विधायक प्रजापति ने अपने ही घर में बने स्टूडियो में आग लगा दी। राहत की बात यह रही कि पुलिस और स्थानीय लोगों की त्वरित कार्रवाई से परिवार के सभी सदस्यों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। हालांकि, आगजनी में घर और स्टूडियो को भारी नुकसान पहुंचा है, जिसकी अनुमानित कीमत 10 लाख रुपये से अधिक बताई जा रही है।
घर के स्टूडियो में लगाई आग, मची अफरा-तफरी
जानकारी के अनुसार, प्रजापति ने अपने घर के एक हिस्से में छोटा-सा स्टूडियो बना रखा था, जहां वे वीडियो निर्माण और फिल्म एडिटिंग का काम करते थे। पड़ोसी और गोंडा के पूर्व मुखिया प्रकाश कुमार अरुण ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से उनकी मानसिक स्थिति सामान्य नहीं लग रही थी।
बुधवार रात करीब 10 बजे उन्होंने कमरे का दरवाजा अंदर से बंद कर लिया और अचानक स्टूडियो में आग लगा दी। कुछ ही देर में आग की लपटें तेज हो गईं और घर में चीख-पुकार मच गई। आसपास के लोग घबराकर मौके पर जुट गए।
पुलिस ने दीवार तोड़कर बचाई जान
घटना की सूचना मिलते ही मेराल थाना प्रभारी विष्णु कांत अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। दरवाजा अंदर से बंद होने के कारण पुलिस ने त्वरित निर्णय लेते हुए बगल की दीवार तोड़कर घर में प्रवेश किया।
स्थानीय लोगों की मदद से पानी डालकर आग पर काबू पाया गया और परिवार के सभी सदस्यों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। बाद में दमकल की टीम भी पहुंची और आग को पूरी तरह बुझाया गया।
लाखों का नुकसान, आरोपी फरार
आगजनी में घर का बड़ा हिस्सा और पूरा स्टूडियो जलकर खाक हो गया। महंगे इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, कैमरे और एडिटिंग सेटअप पूरी तरह नष्ट हो गए। प्रारंभिक आकलन के मुताबिक 10 लाख रुपये से अधिक की संपत्ति का नुकसान हुआ है।
घटना के बाद विधायक प्रजापति घर के पीछे की दीवार फांदकर फरार हो गए। बताया जा रहा है कि अगले दिन उनके परिजन उन्हें मानसिक उपचार के लिए रांची लेकर गए हैं।
मानसिक तनाव बना कारण?
स्थानीय लोगों का कहना है कि युवक पिछले कुछ समय से मानसिक दबाव में था। हालांकि, आगजनी के पीछे का सटीक कारण अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है। पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है।
इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि सोशल मीडिया और ऑनलाइन पहचान की दौड़ में युवा मानसिक दबाव का शिकार हो रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों में समय रहते परामर्श और मानसिक स्वास्थ्य सहायता बहुत जरूरी है।