Jamshedpur Big News: जुगसलाई नगर परिषद के अध्यक्ष पद के लिए हो रहे चुनाव में मतदान से ठीक पहले बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया है. समर्थन के बदलते रुख और सार्वजनिक घोषणाओं ने चुनावी मुकाबले को बेहद दिलचस्प और बहुपक्षीय बना दिया है.
नीलोफर हुसैन ने किया समर्थन का ऐलान
चुनावी माहौल के बीच अध्यक्ष पद की प्रत्याशी नीलोफर हुसैन ने हिदायतुल्लाह खान के साथ मंच साझा करते हुए खुलकर उनका समर्थन करने की घोषणा की. उन्होंने कहा कि वह अपने समाज और मूल्यों के साथ मजबूती से खड़ी हैं.
नीलोफर हुसैन ने अपने संबोधन में भावुक अंदाज में कहा कि यदि बात उनके समुदाय की है तो वह किसी भी हद तक जाने को तैयार हैं. उनके इस बयान के बाद समर्थकों में जोश देखा गया और चुनावी चर्चा का केंद्र यही घोषणा बन गई.
साथ ही नीलोफर हुसैन के इस फैसले से जुगसलाई क्षेत्र में यही बात चल रही है कि इस समर्थन से खास मतदाता वर्ग में हिदायतुल्लाह खान की स्थिति मजबूत हो सकती है और चुनावी समीकरण पर इसका सीधा असर पड़ेगा.
रिंकू सिंह को मिला दो महिला प्रत्याशियों का साथ
इधर एक अन्य अहम मोड़ तब आया जब भाजपा-एनडीए समर्थित उम्मीदवार रिंकू सिंह के समर्थन में दो प्रमुख महिला प्रत्याशियों ने अपनी उम्मीदवारी वापस लेने की घोषणा कर दी.
इंदु देवी और बलबीर कौर ने संयुक्त बयान जारी कर कहा कि उन्होंने क्षेत्र के विकास और स्थिर नेतृत्व को प्राथमिकता देते हुए यह फैसला लिया है. उनका कहना था कि जुगसलाई के लिए बेहतर बुनियादी सुविधाएं, साफ-सफाई, जलनिकासी और महिलाओं की सुरक्षा जैसे मुद्दे अधिक महत्वपूर्ण हैं, इसलिए उन्होंने एकजुट होकर मजबूत उम्मीदवार का समर्थन करने का निर्णय लिया.
रिंकू सिंह ने जताया आभार
साथ ही इस घोषणा के बाद रिंकू सिंह ने दोनों नेताओं का धन्यवाद किया. उन्होंने कहा कि यह समर्थन उनके लिए सम्मान की बात है और यह जुगसलाई के विकास के साझा संकल्प का प्रतीक है. उन्होंने भरोसा दिलाया कि अगर जनता उन्हें मौका देती है तो वे क्षेत्र में पारदर्शी और तेज विकास कार्य सुनिश्चित करेंगी.
समर्थकों में उत्साह, विपक्ष पर निशाना
रिंकू सिंह के समर्थकों ने इस घटनाक्रम का जोरदार स्वागत किया. उनका कहना है कि चुनाव को जाति या समुदाय के आधार पर बांटने की कोशिशों का जवाब एकजुटता से दिया गया है.
वहीं विपक्षी खेमे का कहना है कि अंतिम समय में समर्थन बदलना राजनीतिक रणनीति का हिस्सा है और असली फैसला जनता के हाथ में है.
क्या कह रहे हैं राजनीतिक जानकार?
जानकारों के मुताबिक, मतदान से पहले हुए इन समर्थन बदलावों का असर मतदाताओं की सोच पर जरूर पड़ेगा. खासतौर पर महिला प्रत्याशियों का एक मंच पर आना और सार्वजनिक रूप से समर्थन देना चुनावी हवा को प्रभावित कर सकता है.
अब जुगसलाई की जनता तय करेगी कि वह किसे नगर परिषद की कमान सौंपती है. मतदान के बाद आने वाले नतीजे यह साफ करेंगे कि बदले हुए समीकरणों ने किसके पक्ष में काम किया.
फिलहाल, जुगसलाई की सियासत में हलचल तेज है और हर गली-मोहल्ले में इसी चर्चा की गूंज सुनाई दे रही है.