Jamshedpur News: एमजीएम मेडिकल कॉलेज अस्पताल में मरीजों को पानी की किल्लत से बचाने के लिए अब अधीक्षक खुद मोर्चा संभालेंगे. प्राचार्य के निर्देशानुसार, नगर निगम द्वारा रोजाना भेजे जाने वाले 10 टैंकर पानी की सुबह और शाम दोनों पालियों में गिनती की जाएगी. अधीक्षक को यह जिम्मेदारी दी गई है कि वे सुनिश्चित करें कि निर्धारित संख्या में टैंकर अस्पताल पहुंच रहे हैं या नहीं. पिछले दिनों पानी की भारी किल्लत और टैंकरों की कम आवाजाही के कारण मरीजों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा था, जिसे देखते हुए यह नई व्यवस्था लागू की गई है.
निगम और अस्पताल प्रबंधन के बीच समन्वय पर जोर
जानकारी के अनुसार, अस्पताल में जलापूर्ति सुनिश्चित करने के लिए नगर निगम ने रोजाना 10 टैंकर पानी भेजने का वादा किया है. हालांकि, कई बार टैंकरों की संख्या कम होने से अस्पताल में हाहाकार मच जाता है. अब नई व्यवस्था के तहत, यदि पानी के टैंकर समय पर नहीं पहुंचते या संख्या कम रहती है, तो अधीक्षक तुरंत इसकी सूचना प्राचार्य के माध्यम से नगर निगम को भेजेंगे. इस कदम का उद्देश्य सूचना तंत्र को मजबूत करना है ताकि पानी की कमी होने से पहले ही उसका समाधान निकाला जा सके और वार्डों में आपूर्ति बाधित न हो.
मरीजों की परेशानी कम करने की कवायद
अस्पताल में पानी की कमी का सबसे बुरा असर दूर-दराज से आए मरीजों और उनके परिजनों पर पड़ता है. पानी के लिए उन्हें इधर-उधर भटकना पड़ता है, जिससे इलाज की प्रक्रिया भी प्रभावित होती है. प्राचार्य और अधीक्षक की इस संयुक्त पहल से उम्मीद जागी है कि अब टैंकरों की नियमित मॉनिटरिंग होने से अस्पताल के वाटर टैंक खाली नहीं रहेंगे.