Jamshedpur News : करीब डेढ़ साल तक चर्चा में रहे करणी सेना के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सह प्रदेश अध्यक्ष विनय सिंह की मौत मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। एमजीएम थाना पुलिस ने अदालत में अपनी अंतिम रिपोर्ट (फाइनल रिपोर्ट) दाखिल करते हुए निष्कर्ष निकाला है कि यह हत्या नहीं, बल्कि आत्महत्या का मामला था। पुलिस का कहना है कि विस्तृत वैज्ञानिक जांच, फोरेंसिक रिपोर्ट, बैलिस्टिक परीक्षण, फिंगरप्रिंट और गवाहों के बयानों के आधार पर यह निष्कर्ष निकाला गया है।
पुलिस के अनुसार, घटनास्थल से बरामद देसी पिस्तौल, कारतूस के खोखे और अन्य साक्ष्यों की एफएसएल जांच कराई गई। बैलिस्टिक रिपोर्ट में पुष्टि हुई कि गोली उसी पिस्तौल से चली थी, जो विनय सिंह के पास थी। वहीं फिंगरप्रिंट और रासायनिक जांच में किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता के प्रमाण नहीं मिले। घटनास्थल से जुटाए गए अन्य भौतिक साक्ष्यों ने भी आत्महत्या की ओर संकेत किया।
पत्नी, बेटे समेत कई लोगों के बयान के बाद पुलिस पहुंची निष्कर्ष पर
जांच के दौरान पुलिस ने विनय सिंह की पत्नी रीना सिंह, बेटे, रिश्तेदारों, परिचितों और स्वतंत्र गवाहों समेत कई लोगों के बयान दर्ज किए। पुलिस का कहना है कि सभी बयानों, तकनीकी साक्ष्यों और फोरेंसिक रिपोर्ट के मिलान के बाद हत्या की आशंका की पुष्टि नहीं हुई।
20 अप्रैल 2025 को एमजीएम थाना क्षेत्र के गोडगोडा स्थित एक खेत में विनय सिंह का शव मिला था। शव के पास उनकी स्कूटी खड़ी थी और उनके हाथ में पिस्तौल फंसी हुई थी। घटना के बाद पूरे जमशेदपुर में सनसनी फैल गई थी। करणी सेना और क्षत्रिय समाज ने हत्या की आशंका जताते हुए प्रदर्शन किया था और दोषियों की गिरफ्तारी की मांग की थी। परिजनों की शिकायत पर एमजीएम थाना में अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया था।
लंबी जांच के बाद पुलिस ने अदालत में अंतिम प्रतिवेदन दाखिल करते हुए मामले को आत्महत्या करार दिया है। हालांकि, अंतिम निर्णय अदालत की प्रक्रिया के तहत होगा। पुलिस का दावा है कि उपलब्ध वैज्ञानिक और तकनीकी साक्ष्य हत्या की पुष्टि नहीं करते, इसलिए केस बंद करने की रिपोर्ट कोर्ट में सौंप दी गई है।